प्रशिक्षित होकर रोजगार से जुड़ेंगी 913 बीसी सखी
- प्रशिक्षित होने के बाद गांव स्तर पर ही कर सकेंगी लेनदेन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर शासन ने पहल प्रारंभ की है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 913 बीसी (बैंकिंग कारेस्पांडेंट) सखी को रखे जाने के लिए चयनित किया जा चुका है। चयनित महिलाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी) द्वारा बैचवार प्रशिक्षित करते हुए रोजगारपरक विषय के कार्यों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव की शिक्षित व बैंकिंग का कार्य करने में समर्थ महिलाओं को इस योजना से जोड़ने की व्यवस्था बनाई है। योजना के अंतर्गत महिलाओं को जहां स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा वहीं वे दूसरों की समस्याओं को भी कम करने में मददगार साबित होंगी। वे न सिर्फ हर घर तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाएंगी बल्कि आमजन को धन के लेनदेन के लिए दूरदराज आने- जाने संबंधी मुश्किलों से भी बचाएंगी। स्वयं सहायता समूहों को भी स्थानीय स्तर पर राहत देने व जनधन खातों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कार्य करेंगी। बीसी सखी योजना के तहत चयनित व प्रशिक्षित महिलाओं को हर महीने चार हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्हें डिवाइस खरीदने के लिए 50 हजार रुपये भी दिए जाएंगे। आरसेटी के निदेशक रमेशचंद्र सिंह बृजवाल ने बताया कि महिलाओं को रोजगार परक व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह सार्थक पहल की जा रही है।
सात दिवसीय प्रशिक्षण लेंगी बीसी सखी
बीसी सखी को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में बैचवार प्रशिक्षित किया जाएगा। सात दिवसीय प्रशिक्षण के तहत छह दिन विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा जहां उन्हें कार्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी। अंतिम दिन उन्हें आईआईआरडीएफ द्वारा आयोजित ऑनलाइन टेस्ट को भी पास करना होगा। टेस्ट पास करने के उपरांत उन्हें प्रमाणपत्र भी मिलेगी।