समूह की महिलाएं बनाएंगी पोषाहार, बनेंगी आत्मनिर्भर
महराजगंज। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बांटी जाने वाली पंजीरी, दलिया अब जिले में तैयार होगा। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इसे तैयार किया जाएगा। समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह व्यवस्था काफी मददगार होगी। समूह की महिलाओं का नियमित काम मिलने के साथ ही उनकी आमदनी में इजाफा होगा। जनवरी में फैक्ट्री बननी शुरू हो जाएगी। दो ब्लॉकों के 300 स्वयं सहायता समूहों को इसमें शामिल किया गया है। करीब 3500 महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
लक्ष्मीपुर और नौतनवां ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों के लिए अब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राशन मिलेगा। उसके लिए लक्ष्मीपुर में जनवरी 2022 में फूड फैक्ट्री में मशीन लगाने का कार्य शुरू होगा। फैक्ट्री निर्माण के बाद सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का पोषण आहार एक ही स्थान पर बनेगा, जिसे बाद में केंद्रों में वितरित किया जाएगा। उसकी क्वॉलिटी पर भी लैब के माध्यम से नियंत्रण रखा जाएगा। इसके अलावा परतावल, मिठौरा, सदर, पनियरा, बृजमनगंज में भी पोषण आहार बनाने वाली फैक्ट्री लगेगी। उसके लिए ब्लॉक स्तर पर तैयारियां शुरू होंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन लक्ष्मीपुर ब्लॉक समन्वयक मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों को वितरित करने वाला पोषण आहार के निर्माण के लिए फैक्ट्री की स्थापना की जा रही है। फैक्ट्री में लगने वाली मशीन आदि के लिए तीन सौ स्वयं सहायता समूहों की ओर से तीस-तीस हजार रुपये सहयोग राशि जमा करा दी गई है। उद्योग स्थापना में इसके बाद जो रकम लगेगी, उसके लिए शासन की ओर से नियमानुसार अनुदान राशि दी जाएगी। फैक्ट्री का 15 जनवरी 2022 के बाद किया जाएगा।
सभी मशीनें होंगी ऑटोमेटिक
आजीविका मिशन अंतर्गत इस संयंत्र में सारी मशीनें ऑटोमेटिक हैं। तीन भागों में बंटे इस संयंत्र में प्रोडक्शन यूनिट, मिक्चर टैंक एवं पैकिंग सेक्शन है। इसमें विभिन्न प्रकार के पोषण आहार का निर्माण से लेकर पैकिंग तक कार्य किया जाएगा। चावल एवं दाल के मिश्रण को एक निश्चित अनुपात में लेकर पोषण आहार (दलिया) बनाया जाएगा। पोषण आहार की जांच क्वालिटी कंट्रोल लैब में होगी। इसमें यह परखा जाएगा कि पोषण आहार में कितना प्रतिशत प्रोटीन है। करीब दो करोड़ की लागत से इस फैक्ट्री के निर्माण की सहमति मिली है। इस व्यवस्था का संचालन पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अंतर्गत एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा।
उदय प्रेरणा लघु उद्योग के नाम से संचालित होगी फैक्ट्री
ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक समन्वयक अस्मिता सिंह ने बताया कि पोषण आहार की फैक्ट्री उदय प्रेरणा लघु उद्योग के नाम से संचालित होगा। फैक्ट्री में समूह 20 योग्य महिलाओं का चयन पूर्ण कर लिया गया है, जिन्हें प्रति माह आठ हजार रुपये मानदेय के तौर पर दिए जाएंगे। यह महिलाएं ही पोषण आहार का निर्माण करेंगी। लघु उद्योग में होने वाले फायदे का 10 प्रतिशत रकम समूहों में वितरित की जाएगी, जो फैक्ट्री स्थापना में तीस-तीस हजार रुपये सहयोग के तौर पर दिए हैं।