चौदहवें दिन पिंजरे में फंसकर काबू में आया तेंदुआ
नौतनवां। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज के सेमरहवां गांव में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार चौदहवें दिन काबू में आ गया। वनकर्मियों की ओर से टेगरहना घोला के पास लगाए गए पिंजरे में वह फंस गया। उसके पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों के साथ ही वनकर्मियों ने भी राहत की सांस ली है। वनकर्मियों के मुताबिक, उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे छोड़े जाने की कवायद की जाएगी।
उत्तरी चौक रेंज के ग्राम सेमरहना में तेंदुए ने 25 नवंबर की शाम को सात वर्षीय बालक को अपना शिकार बना लिया था। तभी से वनकर्मियों की ओर से इसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा था। तेंदुआ पकड़ा तो नहीं गया, लेकिन उसने 29 नवंबर को सेमरहना में ही तिलकी देवी नामक महिला को घायल कर दिया। लगातार गांव में आने की उसकी गतिविधि को देखकर ग्रामीण सहम गए तथा उन्होंने इसे पकड़ने के लिए वनकर्मियों से गुहार लगाई। वनकर्मी तभी से तेंदुए को पकड़ने की जुगत में लगे थे, लेकिन वह वनकर्मियों के जाल में नहीं फंस रहा था। वनकर्मियों ने उसको पकड़ में न आता देख पिंजरे में बकरी को रखकर टेगरहना के पास लगा दिया, जिसकी वजह से तेंदुआ बुधवार की सुबह बकरी का शिकार करने पहुंचा व उसमें फंस गया। फंसने के बाद वह जोर-जोर से गुर्राने लगा।
ग्रामीण वहां पहुंचे तथा देखा कि तेंदुआ पिंजरे में फंस गया है तो उन्होंने वनकर्मियों को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह, चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह, डिप्टी रेंजर राकेश कुमार, वन दरोगा प्रशांत सिंह, वनरक्षक शिव शंकर उपाध्याय समेत राजेंद्र यादव, सरजू, मुन्नर व मनोज आदि वनकर्मियों ने तेंदुए को पिंजरे समेत चौक में इलाज के लिए ले जाने की व्यवस्था करनी शुरू कर दी। डीएफओ पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि तेंदुए के पकड़े जाने से काफी राहत मिली है। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के उपरांत उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। निर्देश के मुताबिक ही उसे छोड़ने का कार्य किया जाएगा।
तेंदुए को देखने के लिए दूर-दराज से पहुंचे लोग
उत्तरी चौक रेंज के टेढ़ी घाट बीट के जंगल में सेमरहवा गांव के पास पिजरे में तेंदुए के कैद होने की सूचना पर दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंच गए। वनकर्मियों की ओर से पिंजरे को ढंक दिया गया था, जिससे वे पूरी तरह से उसे देख नहीं पा रहे थे। वनकर्मियों एवं ग्राम प्रधान उपेंद्र यादव को ग्रामीणों व लोगों को संभालने में भी काफी पसीना बहाना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन बढ़ रही थी दहशत
सेमरहना की पूजा देवी व महेंद्र यादव ने कहा कि तेंदुए के नियमित आने से सभी ग्रामीण परेशान थे। उसके पकड़े जाने से सभी की मुश्किलें कम हुई हैं। संगम देवी ने कहा कि जब से तेंदुए ने बच्चे को शिकार बनाया था, तभी से सभी के मन में खौफ था। अब जाकर कुछ राहत मिली है। भारत ने भी कहा कि तेंदुए के पकड़े जाने से बड़ी समस्या हल हुई है। ग्रामीण संदीप, श्रीचंद, दुर्गेश सहानी, चंद्रावती, बन्नी देवी, कांति, आशा आदि ने कहा कि तेंदुआ जब तक पकड़ा नहीं गया था, तब तक बहुत डर लग रहा था। खासतौर से रात के समय उन्हें नींद नहीं आ रही थी। पकड़े जाने के बाद अब वे कम से कम आराम से सो सकेंगे। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने दूसरे दिन से ही ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल करना प्रारंभ किया, मगर तब उससे भी बड़ी राहत नहीं मिल सकी थी।