निचलौल। नेपाल के चितवन जिले में पिछले सप्ताह दो बसों के भूस्खलन के मलबे के साथ नदी में बहने के बाद अभी भी कई लोगों का पता नहीं चल सका है। बसों में भारतीय लोग भी शामिल थे।
लापता लोगों की तलाश गंडक नदी में एनडीआरएफ टीम शुक्रवार को तीसरे दिन भी नेपाल के ठाडी घाट से लेकर कुशीनगर जिले तक करती रही, लेकिन शाम तक किसी भी व्यक्ति का पता नहीं चल सका।
एनडीआरएफ टीम कमांडर परवीन कुमार उपाध्याय ने बताया की 12 जुलाई को चितवन जिले के नारायणघाट-मुगलिंग मार्ग पर सिमलताल इलाके में बड़ा हादसा हो गया था। हादसे में दो बसों में सवार 54 लोग मलबे के साथ त्रिशूली नदी में बह गए थे। बसों में सात भारतीय भी शामिल थे। हादसे में अधिकांश लोग अभी भी लापता हैं।
हादसे के तीन से चार दिन बाद बाल्मिकी बैराज पर कई शव बरामद भी हो चुके हैं। उसी आधार पर उनकी 35 सदस्यीय टीम चार बोट की मदद से गंडक नदी में नेपाल के ठाडी घाट से लेकर कुशीनगर जिले तक शवों की तलाश कर रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार अगले दिन शनिवार को फिर नदी में शव की तलाश की जाएगी।