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बाढ़

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बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बिजली सुविधा ठप, मुश्किलों से कट रही रात
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महराजगंज। बीते दिनों आई बाढ़ के कहर से आम जनजीवन प्रभावित है। अब गांव में पानी कम हुआ तो दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मुश्किलों के बीच रात कट रही है। सुबह तो घर के काम काज में वक्त गुजर रहा है। लेकिन दिन ढलते ही गांव में अंधेरा छा जा रहा है। क्योंकि बाढ़ के कारण क्षेत्र में बिजली ठप है। मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए समस्या जटिल हो गई है। गांव के बाहर निकलने पर नाव का सहारा है।
नौतनवां तहसील क्षेत्र के 37 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। फरेंदा के 14, सदर के 2, निचलौल के 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांव में रहने वाले लोगों को रहने एवं खाने के लिए समस्या हो रही है। साथ ही पानी हटने से संक्रामक रोगों की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी है। रात में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। पानी की तेज धारा के रास्ते भी कट चुके हैं।
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नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र में रोहिन नदी और बाघेला नाला में आई बाढ़ से जलस्तर तो कम हुआ है। लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। कहीं गांव का संपर्क मार्ग टूटा है, तो कहीं सड़क पर अभी भी पानी बह रहा है। धान की फसल डूबी हुई हैं। चुड़िहारी गांव में पीडब्ल्यूडी पिच मार्ग कट गया है। यहां बाढ़ की धारा में गांव के मोलहू, विक्रम, सरवरी, सरीफुन निशा की झोपड़ी पानी के तेज धारा में बह गई। सभी लोग गांव के दूसरे लोगों के घर में शरण लिए हैं। वहीं मोलहू अभी भी प्राथमिक विद्यालय में परिवार के साथ रह रहे हैं। विक्रम ने बताया कि उनका घर झोपड़ी का है। बाढ़ में पानी भर जाने से पशुओं को लेकर गांव के राजकुमार के घर रह रहे हैं। चकदह गांव के बेलहिया और घरोही टोले में अभी भी पानी पानी भरा हुआ है। लेकिन, पानी कम होने से कुछ राहत है। बेलहिया गांव में भग्गन, भानमती, कलीमुन, वंदना, रामटहल, सुमित्रा, सायरुन्निशा, बदलू गांव के संपर्क मार्ग पर बह रहे पानी होकर आ रहे थे। बाढ़ से प्रभावित गांव रामबरनहवा, गंगवलिया, लुठहवा, चुड़िहारी, मानिकपुर, बेलहिया, परसहवा, जवहवा के सीवान में अभी भी फसलें डूबी हुई हैं। गंगवलिया से होकर लुआठहवा होते हुए सेखुआनी जाने वाला पिच मार्ग कट गया है जिससे अभी भी पानी बह रहा है।
चौक बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के ग्राम सभा जगपुर में रोहिन नदी का तटबंध टूटने से दर्जन भर गांवों में पानी घुस गया है जिससे लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीण कुलदीप पासवान, भोलानाथ, सुभाष यादव, शैलेश मौर्य, रघु पासवान, बाल किशुन, शारदा प्रसाद, राजेश, पासवान, ओमप्रकाश मौर्य, श्रीपति, राकेश मौर्य आदि तमाम ग्रामीणों ने बताया कि गांव से बाहर निकलने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। संक्रामक बीमारियों का भय सता रहा है। मच्छरों के प्रकोप काफी बढ़ जाने से रात हो या दिन जीना मुहाल हो गया है।
बृजमनगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में उफनाई घोंघी नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। क्षेत्र के कई गांव घिर चुके हैं। मुख्य सड़कों पर भी पानी चढ़ गया है। किसानों की हजारों एकड़ फसलें जलमग्न है। रसोयवा सरदौनागढ़ कठहवा, कठहिया, मुड़ियारी, नौडिहवा, पिपरी दौलतपुर हरैया मौलाही, शीतलपुर, बनकटवा, मोहनगढ़, गोसाइजोत, बेला, बेलाशपुर,गंगाजोत, धरैचा धरैची, सेमरहवां, गोपालजोत, राजपुर बुजुर्ग, खड़खोड़ी, खड़खोड़ा आदि गांव पानी से घिरे हैं। बृजमनगंज से उस्का जाने वाली मुख्य मार्ग पर दो से तीन फीट के ऊपर पानी बह रहा है
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को हो रहा बुखार
नौतनवां। तहसील क्षेत्र के चकदह गांव के महूलैना टोले पर कई लोग बुखार की चपेट में आ गए हैं। गांव के रीमा, जगदीश, अवतारी, आरोही, सौम्या बुखार से पीड़ित हैं। जगदीश ने बताया कि अभी कोई स्वास्थ्य टीम यहां नहीं आई। निजी चिकित्सक के पास से दवा लिया गया है।
चूल्हें नहीं जल रहे, भूजा खाकर ही गुजरती है रात
ठूठीबारी। लक्ष्मीपुर खुर्द गांव में लोगों के घरों में पानी घुस जाने से दर्जनों घरों में चूल्हे नहीं जले। लोग किसी तरह से व्यवस्था कर काम चला रहे हैं। कुछ लोगों को भूजा खाकर संतोष करना पड़ रहा है। नसरुल्लाही, मैनुद्दीन, टांसे, अमरजीत, दु:खी, विश्राम आदि ग्रामीणों ने बताया कि जिनके पास पक्का मकान है। वह अपनी छत पर खाने का प्रबंध कर लेते हैं।
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छेद वाली नाव से जाने में लगता है डर
ठूठीबारी। लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के लोगों में आक्रोश है। क्योंकि गांव से बाहर आने के लिए जो नाव मिली है उसमें छेद है। नाव से जाने के दौरान एक व्यक्ति को उसमें से पानी निकालना पड़ता है। ग्रामीण विपिन कुमार, देवेन्द्र यादव, सुनील कुमार रौनियार, हरीशंकर यादव, अनिल कुमार यादव, त्रिलोकी, सुरेन्द्र निगम, रामाश्रय यादव, धर्मेंद्र, भीम सहानी ने बताया कि नाव ठीक नहीं है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है। नाव के जाने के दौरान डर लगता है।
लापरवाही से भीग गया खाद्यान्न
ठूठीबारी। लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के ग्रामीणों ने बताया की गांव के कोटेदार की लापरवाही से सरकारी राशन पानी से भीग गया है। ग्राम प्रधान पति सनवर अली ने बताया कि जरूरतमंदों को राहत सामग्री दी गई है। सामग्री नहीं पहुंच पाई। इस संबंध में ग्राम प्रधान पति सनवर अली ने बताया कि चीउरा और भेली बाढ़ प्रभावित लोगों में वितरण किया गया आरोप निराधार है। गांव के अनिल कुमार यादव, भीम सहानी, देवेन्द्र यादव, सोनू जायसवाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कोई जन प्रतिनिधि हाल जानने नहीं आया।
लक्ष्मीपुर। क्षेत्र के वनग्राम कानपुर व बेलौहा दर्रा की दो हजार आबादी के लिए न तो भोजन, न दवा और न ही रहने का कोई ठिकाना है। इनका दर्द बांटने के लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि पहुंचा और न ही कोई सक्षम अधिकारी गांव में गया। लक्ष्मीपुर ब्लॉक के चानकी घाट व टेढ़ीघाट के बीच जंगल में स्थित वनग्राम कानपुर दर्रा में 1200 व बेलौहा दर्रा में 800 लोग निवास करते हैं। जिसे ग्राम पंचायत टेढ़ी में शामिल किया गया है। ग्राम प्रधान टेढ़ी कुसमावती देवी ने बताया कि बाढ़ से गणेश, जगालू, राजू, शंकर, तूफानी, रामनिवास, जोखन, जितेंद, तजेन्द्र, विनोद आदि की रिहायशी झोपड़ियां व घरेलू सामान बाढ़ के पानी में बह गया। पीड़ितों का हाल चाल जानने कोई नहीं पहुंचा है। लोग निकट के गांव टेढ़ी में सुरक्षित स्थान पर पहुंचे हैं। खाने व रहने की ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं।
मझार क्षेत्र के विद्यालयों में घुसा पानी
लक्ष्मीपुर। रोहिन नही के तांडव से लक्ष्मीपुर क्षेत्र के दर्जनों विद्यालय में बाढ़ का पानी घुसने से पठन-पाठन पूरी तरह से ठप हो गया है। विद्यालय से पानी कम होने का आसार अभी कम दिखाई दे रहा है। लक्ष्मीपुर क्षेत्र से गुजरने वाली रोहिन के बाढ़ से ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत खालिकगढ़, गौहरपुर, भगवानपुर, रघुनाथपुर, रानीपुर, रजापुर, रानीपुर, मठीयाईदू, टेढ़ी, गंगापुर, दशरथपुर, बटाईडीहा कजरी, कानपुर दर्रा, सेमरहवां आदि गांवों में स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में पानी घुस गया है। क्षेत्र के ग्रामीण सुदामा, प्रयाग, सेवक, जय हिंद, रिजवान, समशेर, रमजान, रामसूरत, सीताराम, बंसीधर, जौहर अली, अंगद, राजू, जितेंद चौधरी, राजाराम आदि ने बताया कि स्कूलों में पानी भर जाने से बच्चों का पठन-पाठन पूरी तरफ से ठप हो गया है।
रोहिन नदी के तटबंध का निरीक्षण किया
चौक बाजार। जगपुर से सटे उत्तर तरफ रोहिन नदी तटबंध बीते दिनो टूट गया था जिससे दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है। मंगलवार को सदर तहसीलदार बृजेश श्रीवास्तव ने टूटे तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
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जर्दी डोमरा बांध मेंरिसाव, डीएम ने लिया जायजा
महराजगंज। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार द्वारा रोहिन नदी में पानी के दबाव के कारण जर्दी डोमरा बांध में हो रहे रिसाव का स्थलीय निरीक्षण किया गया। वर्तमान में रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ गया है लिहाजा स्थिति संवेदनशील हो गई है और तटबंध में कई जगह रिसाव हो रहा है। रिसाव स्थलों की मरम्मत सिंचाई विभाग द्वारा की जा रही है। जिलाधिकारी ने रिसाव स्थलों और हो रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी रिसाव की सूचना मिलती है, उन स्थलों की तत्काल मरम्मत कराए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि राजस्व और पुलिस की टीम 24 घंटे तटबंध पर पेट्रोलिंग करें। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय और अधिशासी अभियंता राजीव कपिल मौजूद रहे। संवाद
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एनडीआरएफ छह लोगों को सुरक्षित निकाला
महराजगंज। बाढ़ के दौरान एनडीआरफ टीम जनपद में राहत एवं बचाव कार्य कर रही है। मंगलवार को नौतनवां एसडीएम राम सजीवन मौर्य द्वारा लक्ष्मीपुर ब्लॉक के अमहवां गांव में 6 लोगों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना मिलने पर टीम कमांडर डीपी चंद्रा के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गई। एसडीएम नौतनवां मौके पर पहले से उपस्थित रहे। एनडीआरएफ टीम द्वारा एसडीएम से आवश्यक सूचना प्राप्त करने के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया और बाढ़ में फंसे हुए 6 लोगों को बाहर निकाला गया। संवाद
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लेहड़ा मंदिर जाने वाले मार्ग पर जलभराव
फरेंदा। पूर्वांचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ लेहड़ा देवी मंदिर परिसर में पवह नाला का पानी घुस जाने से मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रिगौली के पास स्थित रेगुलेटर से भी राप्ती नदी में बढ़े जलस्तर के कारण पानी नहीं निकल पा रहा है। जिससे पवहनाला में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिसके कारण लेहड़ा मंदिर परिसर जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग दो फुट पानी बह रहा है। मंदिर परिसर में भी पानी भरा हुआ है,पानी में खड़ा होकर श्रद्धालु मां लेहड़ावाली के दर्शन कर रहे हैं। आवागमन के लिए यह मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। क्षेत्र के बरगाहपुर, बरडाड, दुर्गापुर, हथिगढवा, पुरंदरपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वहीं बृजमनगंज क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण बृजमनगंज विद्युत उपकेंद्र परिसर में पानी भर गया है। लिहाजा रात में धानी फीडर में रात लगभग नौ बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई जो सुबह बहाल हो सकी।
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पूर्व विधायक ने बाढ़ पीड़ितों का जाना हाल
फरेंदा। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विनोद तिवारी के साथ सिद्धार्थ पांडेय धानी क्षेत्र के पुरंदरपुर, काशीपुर, बेलौहा, खरिहनिया, बेलनहवां आदि गांवों में पहुंच कर पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। पूर्व विधायक ने कहा कि बेलसड़, रिगौली व वनदेइयां बांध मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है जिससे बांधों में रिसाव हो रहा है।
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