जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े
- मौसम में बदलाव का लोगों की सेहत पर असर, खानपान में बदलाव की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मौसम में बदलाव और खानपान में ध्यान न देने की वजह से डायरिया और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 40 से 50 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए आ रहे हैं। बच्चों में सबसे अधिक परेशानी देखने को मिल रही है।
डॉक्टरों के अनुसार डायरिया मुख्य रूप से मक्खियों, खराब पानी का सेवन करने, बासी भोजन ग्रहण करने से फैलता है। खानपान में असावधानी बरतने पर डायरिया अथवा पेट से संबंधित अन्य बीमारी हो सकती है। गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गर्मी के कारण पसीने से लगातार जरूरी तत्व शरीर से निकलते रहते हैं। इससे बच्चे कमजोर हो जाते हैं। इससे उनमें कई अन्य प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 40 से 50 डायरियां के मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें गंभीर रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। संक्रामक रोग वार्ड में डायरिया के आठ मरीजों का इलाज चल रहा है।
----------
खानपान में गड़बड़ी के कारण अधिकतर लोगों में डायरिया होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में खानपान का विशेष ध्यान दें। जिससे संक्रामक बीमारियों से बचाव हो सकता है। स्वच्छ पानी कर सेवन करें।
- डॉ. एवी त्रिपाठी, फिजिशियन
------------
छह माह तक के बच्चों को केवल मां का ही दूध पिलाएं। इसके अलावा बच्चों को दिए जाने वाले आहार का विशेष ख्याल रखें। दूषित जल, दूषित भोजन से बच्चों को डायरिया हो सकता है।
- डॉ. विशाल चौधरी, बाल रोग विशेषज्ञ
---------------
डायरिया के आठ बच्चे भर्ती
जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में तेज बुखार, झटका, डायरिया सहित अन्य बीमारी के 21 बच्चों का इलाज चल रहा है। इसमें डायरिया के आठ मरीज भर्ती हैं। इसमें गोपालपुर निवासी शिष्टी (3) , खडेशर निवासी 18 माह की मुस्कान, बोदवार की दिक्षा पटेल, बेलवा काजी की अनन्या, गोपी कांध की सकिना, सिसवां की श्रेयांसी, बेलवा के कृष्ण, और करजहां के अंकुश आदि भर्ती हैं।
---------------
यह रखे ध्यान
घर एवं आसपास साफ सफाई रखें।
बाजार में बिक रहे कटे हुए फल व खाद्य सामग्री से परहेज करें।
बच्चों को सुबह एवं रात की ठंड से बचाएं।
ठंडा पानी व आइसक्रीम का प्रयोग करने से बचें।
धूप से आकर एसी, कूलर न चलाएं।
पानी उबालकर गुनगुना पीएं।
----------------------
गर्मी बढ़ने पर डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में भी डायरिया के मरीज आ रहे हैं। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।
- डॉ. एएम भाष्कर, सीएमएस