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दवाएं, इंजेक्शन और दूरबीन के बढ़े दाम, कैसे हो सस्ता इलाज

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30 फीसदी तक ऑपरेशन की सामग्री महंगी
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महराजगंज। दवाओं, इंप्लांट्स और दूरबीन के बढ़े मूल्य के चलते 30 फीसदी तक ऑपरेशन की सामग्री महंगी हो गई है लिहाजा मरीजों की जेब पर भार बढ़ा है। जितनी बड़ी सर्जरी होती है, उतना ज्यादा पैसे का भुगतान करना पड़ रहा है। सर्जरी में ज्यादातर एंटीबायोटिक पेन कीलर और एनेस्थीसिया की दवाओं का इस्तेमाल होता है।
गौरतलब है कि कच्चा माल महंगा होने की वजह से इनके दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका सीधा असर ऑपरेशन पर पड़ा है। इसके अलावा लेप्रोस्कोप और दूरबीन के दाम भी 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक बढ़ गए हैं। ये भारत में नहीं बनते हैं। इन्हें जर्मनी, जापान, अमेरिका से आयात करना पड़ता है। बताया गया कि एक साल पहले तक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली जो दूरबीन डेढ़ लाख में मिल जाती थी, वो अब ढाई लाख में मिल रही है। इसके अलावा एक लाख रुपये वाला लेप्रोस्कोप डेढ़ लाख में मिल रहा दवाओं, दूरबीन, लैप्रोस्कोप के बढ़े दामों के कारण पांच से छह हजार में होने वाली माइनर सर्जरी में दो हजार रुपये बढ़ गए हैं।
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25 से 30 हजार में होने वाली दूरबीन की सर्जरी में भी चार से पांच हजार रुपये तक बढ़ गए हैं। वहीं, 70 से 80 हजार में होने वाली सर्जरी 10 से 15 हजार रुपये महंगी हो गई है। यूरीनरी ब्लेडर, ट्यूमर, किडनी स्टोन, गॉल ब्लैडर, एपेंडिक्स, हार्निया आदि के दूरबीन से होने वाले ऑपरेशन में 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। डेंटल की सर्जरी में भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इंप्लांट भी महंगा हुआ है। ऐसे में जो डेंटल इंप्लांट 12 हजार का आता था, वो अब 15 में मिल रहा है। दांत के फ्रेक्चर में पड़ने वाली प्लेट और स्क्रू के मूल्य 15 फीसदी तक बढ़े हैं।
पिछले छह महीने में एंटीबायोटिक दवा मेरोपेनम 35 से 40 फीसदी, प्रिप्रासिलिन पेजोवेक्टम 40-45 प्रतिशत सेप्ट्रकजोन में 35 40 फीसदी, लिंजोलिड के इंजेक्शन में 30 से 35 प्रतिशत का इजाफा हो गया है। वहीं, बेहोशी के जाइलोकेन समेत अन्य इंजेक्शनों में 25 से 35 और पेन किलर ट्रामाडोल में 40 से 45, एसिक्लोफेनिक में 55-60 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
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-ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी, जिलाध्यक्ष, केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन
डेंटल इंप्लांट, दांत बनाने का मटेरियल, फ्रेक्चर में इस्तेमाल होने वाली प्लेट और स्क्रू के दामों में 10 से 15 फीसदी बढ़े हैं। दांत बनाने का मटेरियल महंगा होने से लैब ने मेटल के एक दांत की कीमत 1200 तक बढ़ा दी है।
-डॉ. प्रशांत पांडेय, डेंटल स्पेशिलिस्ट
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