नेपाल ने दी छूट तो भारतीय एसएसबी ने लगाई रोक
भारतीय पर्यटकों के निजी वाहनों को नेपाल जाने नहीं दिया
भैरहवां (महराजगंज)। नेपाल के कैबिनेट मंत्रिमंडल का भारतीय पर्यटक व निजी वाहनों के नेपाल जाने का आदेश बेलहिया सीमा पर आया तो लोग खुशी से झूम उठे, लेकिन यह खुशी अधिक देर तक नहीं रही। शुक्रवार सुबह सोनौली सीमा पर तैनात भारतीय एसएसबी ने भारतीय पर्यटकों के निजी वाहनों को नेपाल जाने से रोक दिया। जबकि नेपाली नंबर की कार व बाइक को भारत आने नहीं दिया। इससे सीमा पर सुबह से हंगामे की स्थिति बनी रही।
एसएसबी अधिकारी यह कह रहे थे कि उनके पास पर्यटक वाहनों के आने-जाने की छूट का निर्देश नहीं आया है। जबकि नेपाल व भारत के कई संगठनों के लोग सीमा पर एसएसबी से वार्ता करने में जुटे रहे। बेलहिया भंसार कार्यालय के प्रवक्ता तीर्थराज पासवान का कहना है कि भारतीय निजी वाहनों के सुविधा व भंसार के काउंटर खोल दिए गए हैं। भंसार कार्यालय से भारतीय निजी वाहनों के नेपाल जाने के लिए भंसार सुबह आठ से रात आठ बजे तक व सुविधा सुबह आठ से शाम पांच बजे तक दिया जाएगा।
भारतीय एसएसबी के 22वीं वाहिनी के सेनानायक मनोज कुमार का कहना है कि भारतीय व नेपाली निजी वाहनों को नेपाल और भारत आने-जाने की इजाजत देने का कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद नियमानुसार निजी वाहनों को आने-जाने की इजाजत दी जाएगी।
ठूठीबारी सीमा खोलने के लिए सौंपा ज्ञापन
ठूठीबारी। भारत-नेपाल सीमा ठूठीबारी का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम व सीओ के माध्यम से व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर सीमा खोलने की मांग की।
एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि कोविड-19 से बचाव के लिए मार्च 2020 में सीमा को बंद कर दिया गया था। सीमा बंद होने के कारण सीधा असर व्यवसाय सहित आम जनजीवन पर पड़ा। लोगों का व्यवसाय चौपट हो गया है। समाजसेवी सतीश निगम ने कहा कि नेपाल सरकार की तरफ से सीमा को खोलने के लिए सशर्त आदेश दिया गया है। उसी तरह ठूठीबारी भारत-नेपाल सीमा खोला जाय। सीमा नहीं खुलने पर व्यापारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि सीमा खोलने के संबंध में अब तक कोई पत्र नहीं मिला हैं। आदेश का इंतजार हैं। व्यापारियों के ज्ञापन को डीएम को भेज दिया गया है। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी धीरेंद्र कुमार उपाध्याय, थाना प्रभारी संजय दुबे आदि मौजूद रहे। संवाद