ठूठीबारी से टू लेन सड़क से जुड़ेगा नेपाल का महेशपुर
महराजगंज। ठूठीबारी से नेपाल के महेशपुर कस्बे को जोड़ने के लिए मार्च तक बाईपास बन जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से पहली किस्त करीब दो करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग को मिल चुका है। शेष 194.34 करोड़ की धनराशि बाद में मिलेगी। विभाग ने सड़क निर्माण के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जल्दी ही सड़क टू लेन की बनेगी। जिसकी लंबाई करीब 850 मीटर और चौड़ाई 7 मीटर होगी। इस बाईपास को बनने से ठूठीबारी कस्बे की मुख्य सड़क पर ट्रैफिक लोड कम होगा। साथ ही नेपाल के महेशपुर में जाने वाली गाडियों का मार्ग सुगम होगा।
नेपाल को जोड़ने वाली सड़कों का सुदृढ़ीकरण कराना मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में है। ठूठीबारी से महेशपुर को जोड़ने के लिए बाईपास निर्माण को शासन ने हरी झंडी मिली। पहले महेशपुर को जोड़ने वाली ठूठीबारी बाजार वाली मार्ग सड़क का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण होना था। लेकिन बाद ठूठीबारी बाजार को छोड़कर बाईपास बनाने का निर्णय लिया गया। बाईपास सड़क का निर्माण राजाबारी पुल से झरही नदी के किनारे बंधे पर होगा। यहां टू लेन सड़क बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को पर्याप्त भूमि भी मिल रही है। मार्च 2020 तक बाईपास का निर्माण पूरा कराना है।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि ठूठीबारी में बाईपास सड़क निर्माण के लिए शासन में 388.67 लाख का इस्टीमेट भेजा गया था। जिसके सापेक्ष 194.33 लाख अवमुक्त हो गया है। सड़क निर्माण के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सात मीटर चौड़ी व करीब 850 मीटर लंबी सड़क मार्च 2020 तक बन जाएगी।
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घट जाएगी 50 किमी काठमांडू की दूरी
नेपाल के महेशपुर को जोड़ने के लिए ठूठीबारी में बाईपास बन जाने से एक तरफ जहां कुशीनगर और गोरखपुर से नेपाल जाने में जहां करीब 50 किमी दूरी कम हो जाएगी, वहीं राहगीरों का भी सफर आसान हो जाएगा। क्षेत्र में विकास को गति भी मिलेगी।
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सोनौली बार्डर पर कम होगा यातायात का दबाब
इन दिनों सोनौली के रास्ते नेपाल जाने के लिए वाहनों का दबाब ज्यादा है। इधर से काठमांडू जाने के लिए औसतन हर करीब 500 छोटे बड़े चारपहिया वाहन गुजरते होंगे। अगर ठूठीबारी बाईपास बन जाएगा तो वाहन इधर से ही जाएंगे। जिससे दूरी कम होने के साथ ही समय भी कम लगेगा।