परतावल। शनिवार को पंचायत इंटरमीडिएट काॅलेज से बुद्ध से कबीर तक यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ प्रबंधक जयंती त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर किया। यात्रा का नेतृत्व विद्यालय के संरक्षक धीरेंद्र कृष्ण त्रिपाठी ने किया। भारत की साझी विरासत को समेटने और सजोने के क्रम में आयोजित यह यात्रा नगर वासियों के लिए कौतुहल का केंद्र रही। विद्यालय के कृष्ण द्वारा पर आकर संपन्न हुई।
प्रधानाचार्य दीनबन्धु शुक्ला ने कहा कि बुद्ध और कबीर हमारी सांस्कृतिक एकता के प्रतीक रहे हैं। इनके विचार धार्मिक आडंबरों से मुक्त करने तथा समाज को नई दिशा देने के लिए रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुद्ध से कबीर और उसके बाद बाबा साहब भीमराव आंबेडकर तक आई यह वैचारिक क्रांति वस्तुतः भारत के नवनिर्माण में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर टीम ने अमीर खुसरो की रचना और कबीर वाणी का गायन किया। डॉ. विनोद मल्ल ने छात्र-छात्राओं की करियर काउंसलिंग की। इसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा अपने करियर से जुड़े प्रश्न रखा, जिसका उत्तर काउंसलर डॉ. विनोद मल्ल ने दिया। विद्यालय में आयोजित साझी विरासत से संबंधित कला, निबंध एवं कविता प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
इस दौरान सौरभ पाठक, कन्हैया यादव, परमेंद्र वर्मा, डॉ अंशुमान त्रिपाठी, नवी आलम अंसारी मौजूद रहे।