महराजगंज। जनपद के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चा और गतिविधियों के मद्देनजर जनपदवासियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। कहा कि महराजगंज जनपद का दायरा पहले ही सीमित है। इसके बाद भी अगर जिले का बंटवारा होता है तो महराजगंज का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
बृहस्पतिवार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रांक संख्या ईवी 3423280 जो छह अगस्त को जारी किया गया है। सचिव और आयुक्त राजस्व परिषद के मुताबिक जनपद महराजगंज के बंटवारे की योजना बन रही है। 1989 में सृजित महराजगंज क्षेत्रफल व जनसंख्या की दृष्टि से अन्य जनपदों की तुलना में काफी छोटा है और विकास के मामले में भी पीछे है। यहां न कोई उद्योग है न ही सैनिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय जैसी सुविधा।
कृषि प्रधान जनपद व गन्ना बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद भी यहां सिर्फ एक चीनी मिल ही चालू हालत में है। ऐसे में अगर जिले का बंटवारा होता है तो आर्थिक एवं प्रशासनिक दबाव बढ़ेगा। ऐसे में बंटवारे की जगह जनपद के विकास को गतिशील बनाने पर कार्य करें, जिससे यहां के लोगों को परिवहन, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं बढ़ सकें। ज्ञापन देने वालों में जीतेंद्र यादव, अजीत यादव, लालू यादव, उपेंद्र यादव, अभिषेक, मुकेश, बृजेश, संजय यादव, आशीष यादव, अमन, विवेक, राजमंगल यादव मौजूद रहे।