विकास के लिए गांव की सरकार का गठन हो गया है। जिले में कुल 929 ग्राम प्रधान पद मतदान हुआ था। 56 गांव अब भी ऐसे हैं जहां के प्रधान निर्वाचित होने के बाद भी शपथ नहीं ले सके। जबकि तीन आरक्षित ग्राम सभा में प्रधान पद का चुनाव ही नहीं हुआ है। पंचायत सदस्यों की यहां संख्या (दो तिहाई) ही पूरी नहीं है।
डीएम ने एडीओ पंचायत को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया है। डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सदस्यों के मतदान के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। 59 ग्राम सभाओं में से तीन ग्राम प्रधान की जगह एडीओ प्रशासक ही विकास की कमान संभालेंगे। 56 ग्राम सभा में सदस्यों का चुनाव होगा जिसके बाद प्रधानों को कानूनी शक्ति मिलेगी।
पंचायत चुनाव के तहत ग्रामसभा के गठन के लिए दो तिहाई बहुमत होना चाहिए। अन्यथा ग्राम सभा का गठन संभव नहीं। इस मापदंड को पूरा करने में जिले के 56 ग्राम सभा असफल हैं। नौतनवा ब्लाॅक में महुअवा, खोरिया, चकदहा, बैरियहवा, जिगिना, शीशहनिया, सिरसया खास, महदेहईया, विषखोप, बभनी, करमहवां, मुड़िला।
फरेंदा ब्लॉक में मधुकरपुर महदेवा, बड़हरा देवीचरन, सोनबरसा, सैल्दह, सिसवनिया, बुजुुर्ग, व सेखुई बृजमनगंज ब्लॉक में विशनपुरा अदरौना, परसौना गांव। धानी ब्लॉक में झागपार, महदेईया। निचलौल ब्लॉक में कटहरी घुघली ब्लाक में परसिया, टेढ़वा, विश्वनाथपुर, परतवाल ब्लाक में पिपरिया, बैरिया, ऊटी, पुरैना, महदेवा, बलुआभार, कोटवा सिसवा ब्लाॅक में विशनपुर भड़ेसर, परसिया, बसडिला, गौरा, होरिलापुर, पटकदौना, लक्ष्मीपुर ब्लाक में हरमंदिरकला, महेशपुर महदिया, बनरसिंहा खुर्द, करमहवां खुर्द, बैरवा चंदनपुर, कजरी, सेमरहवा, भैसहिया, पिपरहवा, टेढ़ी, परसौना, रूद्रपुर, विश्वनाथ, बरगदवा मधुबनी, अचलगढ़ बड़हरा विश्म्भरपुर, बोकवा, पोखरभिंडा में दो तिहाई सदस्य न होने के कारण गांव का विकास प्रशासकों के हाथ में रहेगा ।