फरेंदा। रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे स्वास्थ्यकर्मी ठंड का हवाला देते हुए अस्पताल बंद कर घर चले गए। इसके बाद अस्पताल पहुंचे कई मरीज बिना इलाज के ही लौट गए।
समय 12 बजे नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुलमनहां में चिकित्सक समेत फार्मासिस्ट के कमरे में ताला लटक रहा था। एएनएम व आशा भी अस्पताल से नदारद रहीं। अस्पताल पर पहुंचने वाले मरीज लौट गए। डॉ. एमए खान ने बताया कि कड़ाके की ठंड की वजह से मरीज नहीं आ रहे थे। 12 बजे के पहले करीब 22 मरीज आए थे। जिनको सर्दी, जुकाम व खांसी की शिकायत थी। उनकाे दवा दी गई। अस्पताल पर आने वाले टिकौली के घुरहू, महुलानी से द्रौपदी व जटाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि मौसम ठंड होने के कारण सर्दी जुकाम की शिकायत थी। इलाज कराने आया था, लेकिन अस्पताल बंद होने के कारण चला गया।
समय 12: 40 बजे न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महदेवा दूबे में आयुष डॉ. सीबी पांडेय अस्पताल पर मौजूद मिले। अन्य डाॅक्टर शाश्चतसेन की ड्यूटी पोस्टमार्टम में लगी हुई थी। डाॅक्टर ने बताया कि 25 मरीज आए थे। इसमें आठ मरीजों की खून की जांच की गई। मरीज बिद्रा देवी ने बताया कि कमर दर्द की शिकायत थी, जिसका इलाज कराने आई थी। पारितोष को सर्दी खांसी व सोनम को चमड़ी संबंधी समस्या थी जिसका इलाज कर दवा दिया गया। मौके पर फार्मासिस्ट दिनेश चौधरी व लैब टेक्नीशियन जयप्रकाश मौजूद रहे।
समय 01:30 बजे न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोक विद्यापीठ नगर में तैनात डाॅ. मुकेश गुप्ता अस्पताल पर नहीं मिले। पूछने पर पता चला कि इमरजेंसी ड्यूटी सीएचसी बनकटी पर लगाई गई है। फार्मासिस्ट अरूण चतुर्वेदी मरीजों को दवा दिए। अस्पताल पहुंचीं नूरजहां को बुखार व उवैदुल्लाह को दाद की शिकायत है। रहमत अली को सिरदर्द व चक्कर आने की समस्या रही जिसकी दवा दी गई। अस्पताल पर 20 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे।
आरोग्य मेले में मरीजों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। अगर कहीं लापरवाही हुई है तो इसकी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। सभी डॉक्टर स्टाफ को निर्धारित समय तक रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी