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Maharajganj News: फर्जी कागजात से हथियाई प्रधानाध्यापिका की नौकरी, बर्खास्त- हर कदम पर फर्जीवाड़ा

Mon, 26 Aug 2024 01:17 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज

सार

बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा रसूलपुर में कार्यरत प्रधानाध्यापिका निधि सिंह पत्नी नितिन सिंह, निवासी 76 डी, कालेपुर, गौतमनगर कैंट, गोरखपुर की फर्जी तरीके से नियुक्ति की जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। डीएम के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू की गई।
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भर्ती सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित वित्त पोषित पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा रसूलपुर में फर्जी कागजात पर प्रधानाध्यापिका के पद पर नियुक्ति का मामला सामने आया है। इसमें विभाग ने आरोपी प्रधानाध्यापिका और स्कूल प्रबंधक से जवाब मांगा था। दोनों से कोई जवाब नहीं मिलने पर शनिवार को प्रधानाध्यापिका को बर्खास्त कर उसके व प्रबंधक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई। पुलिस ने देर रात दोनों पर केस दर्ज कर लिया।

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बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा रसूलपुर में कार्यरत प्रधानाध्यापिका निधि सिंह पत्नी नितिन सिंह, निवासी 76 डी, कालेपुर, गौतमनगर कैंट, गोरखपुर की फर्जी तरीके से नियुक्ति की जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। डीएम के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू की गई।

13 जून 2024 को स्कूल के प्रबंधक को निधि सिंह की नियुक्ति से संबंधित समस्त अभिलेख सहित पंजीकृत डाक से प्राप्त आवेदन पत्रों, प्रकाशित विज्ञापन का विवरण और अनुभव प्रमाण पत्र आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निधि सिंह को भी 27 जुलाई 2024 को नियुक्ति के संदर्भ में वांछित साक्ष्य और स्पष्टीकरण बीएसए कार्यालय को एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, लेकिन दोनों पक्षों ने साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विभाग ने दोबारा 14 अगस्त को प्रबंधक और निधि सिंह से साक्ष्य मांगा। इस बार भी उन्होंने साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। इस दौरान विभागीय जांच में पाया गया कि निधि सिंह की नियुक्ति से संबंधित पत्रावलियां फर्जी हैं और उन पर तत्कालीन बीएसए और पटल सहायक के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं।

यही नहीं, विज्ञापन की अनुमति के लिए तैयार पत्रावली, तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी नौतनवा को पर्यवेक्षक के रूप में संबोधित पत्र और साक्षात्कार संबंधी दस्तावेज भी फर्जी हैं। जांच के दौरान तत्कालीन बीएसए रमाकांत वर्मा और वरिष्ठ सहायक मनीष सिंह ने भी बताया कि उन्होंने संबंधित पत्रावलियों पर कोई हस्ताक्षर नहीं किया। उनके हस्ताक्षर कूटरचित हैं।

इस प्रकार सभी अभिलेखों और साक्ष्यों की विभागीय जांच के उपरांत बीएसए श्रवण कुमार गुप्ता ने आदेशित किया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा रसूलपुर में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत निधि सिंह की नियुक्ति पूर्ण रूप से कूटरचित ढंग से पत्रावली तैयार कर की गई है, जो पूर्णतः अवैध है।

बीएसए ने प्रबंधक को निधि सिंह की नियुक्ति, नियुक्ति तिथि एक जुलाई 2015 से निरस्त मानते हुए तत्काल पदच्युत करने का आदेश दिया। साथ ही बीईओ को प्रबंधक और निधि सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। बीईओ अंकिता सिंह ने कोतवाली में प्रबंधक और निधि सिंह के विरुद्ध तहरीर दी, जिस पर देर रात केस दर्ज कर लिया गया।

हर कदम पर किया गया फर्जीवाड़ा
विभागीय जांच के अनुसार, प्रधानाध्यापिका पद पर निधि सिंह की नियुक्ति में सब कुछ फर्जी तरीके से किया गया। प्रबंधक ने अपने पत्र द्वारा प्रधानाध्यापक पद के लिए अनुमोदन प्रदान करने में गड़बड़ी की। पत्र को कार्यालय में प्राप्त दर्शाया गया है, जबकि उस पर प्राप्तकर्ता पटल सहायक का न तो हस्ताक्षर है और न ही दिनांक अंकित है व न ही पंजिका का क्रम संख्या ही।

साथ ही पत्र को मेमो के द्वारा जारी किया गया है। तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर के नीचे भी दिनांक अंकित नहीं है। तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की आख्या के अनुसार उपरोक्त विद्यालय में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति से संबंधित पत्रावली उनके कार्यकाल में नहीं की गई है और न ही किसी पटल सहायक को इससे संबंधित काेई आदेश निर्देश निर्गत किया गया था।
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