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 गैंगस्टर एक्ट लगाने की साजिश रची जा रही 

Sun, 15 May 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
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court - फोटो : अमर उजाला
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राजीव नगर निवासी अनूप टिबड़ेवाल व अमित टिबड़ेवाल ने प्रेस वार्ता कर जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पूरे परिवार पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की साजिश रची जा रही है। 
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दोनों भाईयों ने आरोप लगाया कि आवास विकास परिषद के उपाध्यक्ष सुशील कुमार टिबडेवाल व तत्कालीन आईजी अमिताभ यश ने साजिश रच कर रहे हैं। गोरखपुर थाने में तत्कालीन सीओ श्रीकांत प्रजापति, अमित कुमार, अनूप कुमार, आनंद व शुभकरन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जो बाद में तरमीम होकर सदर कोतवाली महराजगंज में आ गई।

मामले के विवेचक सीओ गोरखनाथ ने अधिकारियों के दबाव में आकर 16 अप्रैल को  आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अनूप  ने बताया की मुकदमे में आरोप पत्र के खिलाफ उनके बड़े भाई आनंद कुमार टिबड़ेवाल ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका दाखिल की।  इस पर कोर्ट ने बीते 13 मई को वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव चड्डा से उक्त प्रकरण को सुना तथा राज्य सरकार को इस गतिविधि के लिए प्रमुख सचिव गृह को फटकार भी लगाई। उन्हें व्यक्तिगत शपथ पत्र प्रतिउत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही विपक्षियों को नोटिस जारी किया है। 
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अग्रिम आदेश तक उपरोक्त मुकदमे में प्रेषित चार्ज शीट पर कोई भी कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। अनूप ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में आवास विकास परिषद के उपाध्यक्ष  व आईजी अमिताभ यश के दबाव में एसपी की ओर से मेरे पूरे परिवार पर गैंगेस्टर एक्ट लगाने की साजिश की जा रही है। 


छवि खराब कर रहे हैं  पिता-पुत्र :  सुशील टिबड़ेवाल
 आवास विकास परिषद के उपाध्यक्ष सुशील कुमार टिबड़ेवाल ने आरोप लगाया की राजीव नगर निवासी शुभकरन टिबड़ेवाल और उनके तीनों पुत्र आंनद,अनूप व अमित अपराधिक प्रवृत्ति के हैं। पिता- पुत्र मेरी छवि खराब करने के लिए सुनियोजित षंडयंत्र के तहत मेरे उपर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। कानून की नजर में चारों व्यक्ति अपराधी हैं और कई मुकदमे इन पर दर्ज हैं।

जो आज भी न्यायालय में विचाराधीन है। अपने धनबल व छलबल को पूरी तरह से लगा देने के बावजूद कानून के शिंकजे में फंसे इन अपराधियों को यह सोचना चाहिए की क्या वे मुझ पर झूठे आरोप लगा कर अपने अपराधिक कुकृत्यों को कानून की नजर से छिपा पाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझ पर मनगंढत आरोप लगाकर तथा मुझे ढ़ाल बना कर कोई भी अपराधी कानून की नजर से बच नहीं सकता है। हाईकोर्ट में रिट के बारे में उन्होंने बताया की 13 मई के फैसले से शुभकरन को क्षति हुई है।

उन्होंने अपनी रिट में अपील की थी कि भ्रष्टाचार के इस मुकदमे में पूरी कार्रवाई को खारिज कर दिया जाए, लेकिन कोर्ट ने इनकी एक न सुनी और कार्रवाई को खारिज करने की मांग को नकार दिया। हाईकोर्ट ने मुझे अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया है। मैं पूरी ईमानदारी और मजबूती से कोर्ट में अपना पक्ष रखूंगा और शुभकरन को बेनकाब करूंगा। 
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