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जिले में बाढ़ का कहर, चहुंओर बढ़ीं दुश्वारियां
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महराजगंज। जिले में रोहिन, झरही, चंदन, बघेला एवं भौरहियां नदी के उफान से संबंधित क्षेत्र में मुश्किल बढ़ गई है। बाढ़ के असर से कई गांवो का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है। ठूठीबारी नौतनवां मार्ग पर पानी बह रहा है जिससे आना जाना दुश्वार हो गया है। वहीं, जिले के अधिकारियों ने भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेकर बचाव राहत की कोशिश की। जिले में बाढ़ के कहर से आज जनजीवन प्रभावित है।
नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। शनिवार को बघेला में आई बाढ़ से चकदह गांव के सभी 22 टोले पानी से घिर गए हैं। लोग घर की छतों पर शरण लिए हुए हैं। गांव में जाने का संपर्क मार्ग पानी में जलमग्न है। चकदह खास, बेलहिया, आजाद नगर प्रथम व द्वितीय ,बेलभार, महुलैना, मनिकापुर, परसहवा, नौडिहवा, जवहवा, शाहपुर आदि सभी टोले बघेला नाला पानी से घिरे हैं। घरों में पानी घुस गया है। प्रशासन द्वारा अभी तक कोई राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई है जिससे लोगों में आक्रोश है। ग्राम प्रधान वीरेन्द्र कुमार राजभर ने बताया कि लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है।
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बघेला नदी के बाढ़ से पानी से चकदह गांव का घरोही टोला बाढ़ से पूरी तरह से घिरा हुआ है । गांव में जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग 5 फीट पानी बह रहा है। घरोही टोले पर हरिराम, जीत बहादुर, साधु, पन्नीलाल, शिवनाथ, भोला, नंदकिशोर, रीमा राय, सुमन,शोभा, आरती, प्रभावती, निर्मला, सुनीता, उर्मिला, संगीता, सुशीला, मीना, पूनम,किरन, उषा, नायनमती आदि लोग परिवार के साथ छत पर रात दिन गुजार रहे हैं। लोगों ने बताया कि अभी तक न तो कोई अधिकारी तथा न ही कोई जनप्रतिनिधि सुधि लेने आया है। एसडीएम रामसजीवन मौर्य ने बताया कि पानी कम हो रहा है। तहसीलदार को भेजा गया है। व्यवस्था के लिए ग्राम प्रधान को कहा गया है। क्षेत्र के गांव रेहरा, महूलानी, बेलभार मनिकौरा, सेवतरी, परसा, श्रीनगर, शिवपुरी, ,शंकरपुर, सेखुआनी, बरामथान, लुठहवा, विषखोप, लक्ष्मीपुर, परसा,भटोलिया, श्रीरामपुर, गंगापुर, मोतीपुर,गंगवलिया, करौता, चुड़िहारि आदि गांव बाघेला नाला के बाढ़ के पानी से घिरे हैं। घरों में बाढ़ का पानी भी घुस गया है। उधर, पूर्व विधायक कुमार कौशल उर्फ मुन्ना सिंह शनिवार को चकदह गांव के परसहवा, बेलहिया, आजाद नगर, चकदह खास, मनिकापुर, करौता, चुड़िहारी आदि गांव का दौरा कर जानकारी ली।
खनुआ प्रतिनिधि के मुताबिक सोनौली कोतवाली थाना क्षेत्र के सुकरौली उर्फ अरघा , कैथवलिया उर्फ बरगदही , शेख फरेंदा आदि गांव में नदियां उफान के कारण कई घरों में पानी घुस गया है। लोग अपने अपने सामानों व जान बचा कर बाहर कुछ स्थानों पर हैं। शेख फरेंदा के ग्राम प्रधान महेन्द्र यादव ने बताया कि ग्राम सभा के टोला करमहिया पर अचानक घाघरा नदी उफान पर आ गई। प्राथमिक विद्यालय और गांव के राजू ,संजय आदि के घरों में पानी घुस गया। सुकरौली उर्फ अरघा गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि बनैलिया मंदिर से गांव तक आने वाले मार्ग पर पानी भर गया है। गांव में मुस्तफा बनवारी , सीताराम, प्रहलाद, शंकर ,विनोद ,किशलावती आदि के घरों में पानी भरा है। कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव के ग्राम प्रधान दिलीप गौतम ने बताया कि गांव के मल्लाह टोले व सनगदे टोले पर रात में लगभग एक बजे पानी घुस गया। उप जिलाधिकारी नौतनवां राम सजीवन मौर्य शनिवार की शाम साढ़े पांच बजे चकदह गांव पहुंच कर बाढ़ प्रभावितों का जायजा लिया। ग्राम प्रधान वीरेन्द्र कुमार राजभर को निर्देश देकर बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कराया। एसडीएम ने बताया कि घरोही, महुलैना, बेलहिया टोले के लोग काफी प्रभावित हैं। लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई गई है।
बरगदवां प्रतिनिधि के मुताबिक बरगदवा व परसामालिक थाना क्षेत्र में महाव नाला के उफान से बेलहिया, सेमरहना, बड़हरा, नेबुहवा, चकरार, कनरी, खैरहवा दुबे, कोहरगद्दी, दोगहरा सहित दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। नौतनवां ठूठीबारी मार्ग पर दूसरे दिन भी कई स्थानों पर पानी ओवरफ्लो है। पड़ियाताल मंदिर से पिपरा गांव के सिवान तक दो किमी तक सड़क पर 2 फुट ऊपर पानी बह रहा है। बेलहिया ग्रामपंचायत के बड़हरा टोला बाढ़ से प्रभावित है। घरों में तीन से चार फीट पानी घुसने से गांव के लोग घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर है।
15 घंटे बंद रहा ठूठीबारी -निचलौल- नौतनवां मार्ग
ठूठीबारी। ठूठीबारी से निचलौल और नौतनवां रोड पडियाताल के पास सड़क से पानी का दबाव शनिवार को कम हुआ तब जाकर आवागमन बहाल हो सका। चंदन, भौरहियां व झरही नदी के बाढ़ के पानी से दर्जनों गांवों को जल मग्न कर दिया है। यही नहीं कई गांव के संपर्क मार्ग पर कमर से लेकर घुटने तक पानी बह रहा है। राजाबारी के ग्रामीणों को ठूठीबारी मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए कमर तक पानी में घुस कर आना पड़ रहा है। यही हाल बड़की भरवलिया, छोटका भरवलिया, तुरकहिया, कडजा, चटियां, लक्ष्मीपुर खुर्द, रामजिता व पजरफोरवा आदि गांवों का है।
निचलौल तहसीलदार अरविंद कुमार ने अपने मातहतों के साथ बाढ़ क्षेत्र के गांव भरवलिया का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई। तहसीलदार ने ग्रामीणों को नाव मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
बकुडिहा- मधवलियां संपर्क मार्ग पर बना पुल ध्वस्त
ठूठीबारी। क्षेत्र में पानी के दबाव से शनिवार की सुबह ओडवलियां से मधवलियां गौसदन जाने वाले संपर्क मार्ग पर बना पुल का एप्रोच ध्वस्त हो गया। वहीं मधवलियां रेंज के तरहवा जंगल के सटे बकुलडिहा लालाटोला से बोदना बाजार जाने वाले मार्ग पर बना पुल ध्वस्त हो गया है। जिससे बकुलडीहा, सुकरहर, मैरी गांव के ग्रामीणों का मुख्य संपर्क मार्ग टूट गया है। सूचना मिलने के बाद निचलौल एसडीएम प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को सचेत रहने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। संवाद
छत पर गुजरी पूरी रात, पानी घटने का करते रहे इंतजार
किसी को नसीब हुआ भोजन को तो किसी ने भूजा खाकर किया संतोष, गांव में पानी हटने पर कीचड़ हटाने में जुटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नौतनवां तहसील क्षेत्र के चकदह गांव के मरचहवां टोले में बाढ़ के कहर से लोग परेशान हैं। शुक्रवार को गांव में पानी घुसा तो जीवन दुश्वारियों से भर गया। गांव में पहुंचने के लिए पानी से होकर जाना पड़ रहा है। जिस रास्ते से पानी कम है, उधर से जाने पर चक्कर लगाना पड़ा।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने मरचहवां टोले पर पहुंचने की कोशिश की तो रास्ते में दुश्वारियों का सामना करना है। पानी से होकर किसी तरह टीम पहुंची तो लोगों ने अपने दर्द को बयां किया। मरचहवां टोले पर जाने के दौरान घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ा। गांव से पहले पुलिया के पास बाइक से शिक्षक शिवनाथ जाते हुए दिखे। रुक कर बोले बहुत परेशानी है। आगे बढ़े तो बंदेश्वर मिले। वह मरचहवां टोले पर अपने किसी शुभचिंतक का हाल जानने जा रहे थे। झंझावतों को झेलते हुए गांव के करीब पहुंचने के पहले लालपुर से मरचहवां की सड़क पानी की धार से करीब 75 मीटर कटी हुई मिली। रोहिन नदी का किनारा पकड़कर टीम मरचहवां गांव में पहुंची। सबसे पहले मंजू मिलीं। उन्होंने बताया कि बेटी को बुखार है। उसे घर छोड़कर चौराहे पर दवा लेने जा रही हूं। रात में घर में पानी होने के कारण भोजन नहीं बना था। सुबह को किसी तरह भोजन बना है।
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आगे बढ़ने पर घीसन और उनकी पत्नी माधुरी झोपड़ी के बाहर गीली रेत की सफाई कर रहे थे। इन लोगों ने बताया कि पानी का हटना देखकर पूरी रात गुजर गई। नदी का रौद्र रूप देखकर नींद नहीं आ रही थी। माधुरी ने बताया कि रात में पूर्णवासी के घर भोजन बना था। गली से होकर जाने पर रामनरेश दिखे। ऊंचे स्थान नींव पर बने शेड में बैठे थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार के हालात देखकर तो बहुत डर लग रहा था। लेकिन रात में पानी कम होने से राहत मिली है। बंधु कीचड़ से होकर आ रहे थे, बोले बहुत नरक है। झोपड़ी में पानी भरने से दूसरे के घर में छत पर शरण लेनी पड़ी थी। आगे बढ़ने पर महेश झोपड़ी के सामने सफाई करते दिखे। बोले गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क तो कट गया है। प्रमोद के घर में पानी कम होने पर भोजन बन रहा था। उनकी फूलमति देवी ने कहा कि रात में छत पर रहना पड़ा। सुबह पानी हटने पर घर की सफाई कर भोजन बना है। गांव से आगे बढ़ने पर मुख्तार मिले, कंधे पर पोती को बैठाकर उसका इलाज कराने जा रहे थे।
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