‘ई कवच’ से सुरक्षित होेंगे नवजात और गर्भवती
महराजगंज। गर्भवतियों व नवजातों को अब ई कवच एप के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा। उनके टीकाकरण की तिथि, बच्चे व गर्भवती का नाम, उम्र, पता व संबंधित सारी जानकारी इस एप के माध्यम से आशा कार्यकर्ता दर्ज करेंगी ताकि उनका टीके का सुरक्षा कवच टूटने न पाए। इसके लिए दो माह पहले ही टैबलेट उपलब्ध कराए जा चुके हैं। एप पर काम करने का दो दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को शुरू किया गया।
जिले में 2,522 आशा कार्यकर्ता तैनात हैं। अभी तक गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को टीका लगाकर घर-घर जाकर जाकर मैनुअल रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ये रिपोर्ट पहले सीएचसी व पीएचसी और फिर सीएमओ कार्यालय आती है। इसमें काफी समय लग जाता है। अब इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पूरे समय रिपोर्टिंग के लिए आशा और एएनएम को टैबलेट दिया गया है। वह गर्भवतियों व बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी ई कवच एप पर अपलोड करेंगी। इससे कौन सा टीका लगा, कौन सा लगना है, इसकी जानकारी ऑनलाइन रहेगी। जब भी जरूरत पड़ेगी, तत्काल ब्योरा निकाला जा सकेगा। 5 जुलाई तक यह प्रशिक्षण चलेगा।
सदर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. केपी सिंह ने बताया कि सदर क्षेत्र में तैनात आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब पूरी सूचना ई कवच पर दर्ज करनी होगी। इससे कार्यों के प्रगति की त्वरित स्थिति की जानकारी हो सकेगी। कार्यक्रम प्रबंधक सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि सभी आशाओं का ई-कवच पर फैमिली हेल्थ सर्वे करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। स्मार्टफोन में ई कवच एप इंस्टाल कराया गया। आशाओं को आईडी और पासवर्ड दिया गया।
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ई कचव एप पर सूचना दर्ज करने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी जरूरी सूचना एप पर दर्ज करनी होगी। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डॉ. राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी