महराजगंज। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को डीएम अनुनय झा की अध्यक्षता में व्यापार बंधु व उद्योग बंधु और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में लाभार्थियों को ऋण वितरण में बैंकों की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अपनी कार्यशैली में सुधारने लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की दोनों योजनाएं महत्वाकांक्षी हैं। इसका उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। अगर बैंक इसमें सहयोग नहीं करेंगे तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में भौतिक लक्ष्य 76 के सापेक्ष 198 आवेदन बैंकों को प्रेषित किए जा चुके हैं। इनमें बैंकों द्वारा 114 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। जबकि 75 को ऋण वितरित किया जा चुका है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना में भौतिक लक्ष्य 96 के सापेक्ष 178 आवेदन विभाग द्वारा प्रेषित किए जा चुके हैं। इनमें अलग–अलग बैंकों द्वारा 99 आवेदन स्वीकृत करते हुए, 65 को ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने ओडीओपी, निवेश मित्र, प्लेज्ड योजना सहित अन्य बिंदुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद को प्राप्त निवेश प्रस्तावों और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन प्रस्तावों में निवेशक कार्य करने के इच्छुक नहीं हैं, उनमें संबंधित अधिकारी सक्षम स्तर से प्रकरणों को निक्षेपित कराएं।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति की जानकारी ली। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि जनपद का लक्ष्य 1500 लाभार्थियों के चयन का है, जिनके सापेक्ष अब तक 3200 लोगों ने पंजीकरण किया है। अबतक 125 ग्राम प्रधानों का यूजर आईडी बनने के कारण 286 लोगों का ही सत्यापन किया गया है। सत्यापन की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए ग्राम प्रधान, अध्यक्ष और डीपीआरओ के साथ समन्वय करते हुए सभी ग्राम प्रधानों के यूजर आईडी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, सहायक निदेशक उद्योग राकेश जयसवाल, सहायक प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अविनाश पांडेय आदि मौजूद रहे।