सिसवा बाजार। केन यूनियन कार्यालय में गन्ना सहकारी समिति की वार्षिक बैठक हुई। इसमें किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी के बैठकों में शामिल न होने का आरोप लगाया। इस पर वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
बैजनाथपुर के किसान व समिति के पूर्व उपाध्यक्ष चंद्रशेखर उर्फ लल्ले सिंह ने जिला गन्ना अधिकारी को अक्सर अनुपस्थित रहने पर आपत्ति जताई। इसके बाद वादविवाद शुरू हो गया, जो कुछ देर के बाद शांत हुआ। सिसवा के किसान बच्चन लाल गौड़ ने कहा कि समिति सिर्फ बड़े किसानों को ही सुविधाएं देती है। मझोले और छोटे किसानों को कोई भी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जाती है। बरवां द्वारिका के किसान प्रदीप सिंह ने गन्ना बीज खाद के उपलब्धता के विषय में जानकारी मांगी।
जिला गन्ना अधिकारी ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि समिति के खाते में अभी 86 लाख रुपये पड़े हैं जिसका कोई लेनदार नहीं है। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए कुल स्वीकृत बजट 20986666.00 रुपये के सापेक्ष माह जनवरी 2024 तक 16384893.00 रुपये किए गए व्यय के अनुमोदन पर विचार किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के प्रस्तावित बजट के 24087269.00 अनुमानित व 23283505.00 रुपये के प्रस्तावित बजट पर विचार किया गया। इस दौरान समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेश्वर त्रिपाठी, आईपीएल चीनी मिल सिसवा के गन्ना प्रबंधक कर्मवीर सिंह, समिति सचिव प्रेमनाथ पांडेय, वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक हरी नारायण यादव उपस्थित रहे।