महराजगंज। दूसरे प्रदेश में नौकरी कर रहे भाई रक्षाबंधन पर्व पर घर लौटने लगे हैं। इससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। आलम यह है कि ट्रेनों में बैठने तक की जगह नहीं है। लोग खड़े होकर यात्रा पूरी कर रहे हैं। दिल्ली, मुंबई से आने वाली ट्रेनों में भीड़ ज्यादा है।
सिसवा प्रतिनिधि के अनुसार, मंगलवार को सत्याग्रह एक्सप्रेस सिसवा रेलवे स्टेशन पर रुकी तो यात्री बेहाल दिखे। सबसे ज्यादा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की हालत खराब थी। यात्रियों ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर घर पहुंचने वाले लोगों से गाड़ियां भरी हुई हैं।
सिसवा निवासी महेंद्र ने बताया कि सोमवार को ट्रेन दिल्ली से चली थी। जिस स्टेशन पर गाड़ी रूकती थी यात्री गाड़ी में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करने लगते थे। कोई चढ़ जाता था तो अधिकतर लोग स्टेशन पर ही रह गए।
बाल्मीकि नगर निवासी अमित महतो ने बताया कि अनारक्षित बोगियों के अंदर का हाल ये था की इंसान को हिलने तक की जगह नहीं थी, जो जहां बैठ गया वहां से उठना मुश्किल था।
बगहीं कुटी निवासी विमलेश का कहना रहा की गाड़ी में भीड़ की वजह से खाना भी नहीं खा पाया। लंबी दूरी के यात्री तो इस भीड़ में बीमार पड़ जाएंगे।
सिसवा निवासी चंदन शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के कारण गाड़ियों में भीड़ बढ़ गई है, जिसके वजह से छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये यात्रा सबसे दुखदायी है। किसी तरह गाड़ी से उतरकर राहत की सांस ली है।
स्टेशन अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि त्योहारों पर गाड़ियों में भीड़ बढ़ ही जाती है। इसकी सूचना समय-समय पर उच्चाधिकारियों को दी जाती है।