आंगनबाड़ी केंद्र : पंजीकृत के सापेक्ष केंद्रों पर कम पहुंच रहे बच्चे
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र में आंगनबाड़ी ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेहतर ढंग से बच्चों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। भवन भी ठीक हालत में नहीं है। कहीं, प्लास्टर गिरता है तो कहीं खिड़की व फाटक ठीक हालत में नहीं हैं।
पंजीकृत बच्चों को केंद्र से मिलने वाली सामग्री में भी कई अड़चनें हैं। वह भी कुछ बच्चों को मिलता है तो उसे पाने की आस लिए बैठते हैं। क्षेत्र में सतगुरु एवं कुआंचाप आंगनबाड़ी केंद्र की पड़ताल में हकीकत खुलकर सामने आ गई। हालांकि क्षेत्र में कुछ आंगनबाड़ी केंद्र बेहतर हैं, जहां बच्चों को सभी जरूरी सुविधाएं भी मिलती हैं। विकास खंड पनियरा के आंगनबाड़ी केंद्र सतगुरु बदहाल है। यहां शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। वहां पर बच्चों को बैठने के लिए चटाई भी ठीक नहीं है। बच्चे फटी हुई चटाई फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। सहायिका केतकी देवी बच्चों के पास बैठकर उन्हें कुछ बता रही थीं। केंद्र पर बच्चे कम आते हैं।
खिड़कियों पर फाटक नहीं हैं। केंद्र पर 55 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंशा गुप्ता ने बताया कि विभाग की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाओं को बच्चों को दी जा रही है। पोषाहार समेत अन्य जरूरी सामग्री दी जाती है। पिछले महीने खाद्यान्न बच्चों के लिए केंद्र पर आया था, उसका वितरण हो चुका है।
सावित्री देवी निवासी सतगुरु ने बताया कि बेटा चिरंजीव आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ता है जिसको लगभग तीन माह से पोषाहार नहीं मिल रहा है। शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हुआ। सुलोचना निषाद निवासी सतगुरु ने बताया कि हमारे घर के दो छोटे बच्चे विवेक, रोशनी आंगनबाड़ी केंद्र सतगुरु में पढ़ते हैं। उन्हें पोषाहार मिलता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सतगुरु मंशा गुप्ता ने बताया कि हमारे केंद्र पर 55 बच्चे पंजीकृत हैं। पिछले महीने में सभी को दाल, तेल, चावल, गेहूं वितरण किया गया है। अक्तूबर का खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हुआ है। पंजीकृत बच्चों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जाती हैं। कुआंचाप आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय पर भी कुछ खास सुविधा नहीं है। कमरे की हालत भी ठीक नहीं है। दरवाजा भी ठीक नहीं है। बच्चों को बैठने की चटाई फटी हुई। केंद्र पर 50 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां भी केंद्र पर कम बच्चे ही दिखे। दीवार से प्लास्टर गिरता है। 0-3 वर्ष के 72 बच्चे चिह्नित हैं। जबकि 3-6 वर्ष के 50 बच्चे हैं। कुआंचाप गांव की गंगोत्री देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र कुआंचाप द्वितीय पर हमारे घर के दो बच्चे पंजीकृत हैं। सामग्री मिलती है। केराशी देवी ने बताया कि केंद्र पर हमारे दो बच्चे जाते हैं। दो महीने से तेल, चावल, गेहूं, दाल नहीं मिली है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजकुमारी ने बताया कि जो खाद्यान्न मिलता है, नियमित रूप से सभी पंजीकृत बच्चों में वितरण किया जाता है। आरोप बेबुनियाद है।
केंद्रों की स्थिति एक नजर में
आंगनबाड़ी केंद्र-------249
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता- 198
सहायिका---------- 196
सुपरवाइजर---------- 5
जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को चावल, गेहूं, तेल व चना की दाल नहीं मिल रही है। उन केंद्रों पर तैनात कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। जो केंद्र बदहाल हैं। उसकी मरम्मत के लिए विभाग को अवगत कराया गया है। धन स्वीकृति होते ही मरम्मत कराई जाएगी।
-विजय प्रकाश चौधरी, सीडीपीओ