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जिले में ड़ेंगू के अब तक मिले मरीज, बढ़ी सतर्कता

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जिले में डेंगू के अब तक मिले छह मरीज, बढ़ी सतर्कता
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महराजगंज। जिले में डेंगू के दस्तक से स्वास्थ्य महकमा सतर्क है। इसके लिए सभी जरूरी तैयारी विभाग की ओर से की गई है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी स्तर से व्यवस्था दुरुस्त है। जनवरी 2021 से लेकर अब तक डेंगू के छह मरीज मिले, जो ठीक हो चुके हैं। सतर्कता बरतते हुए इससे बचाव के लिए पूरी तैयारी की गई है।
वर्तमान में जिला अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं है। लेकिन सतर्कता बरतते हुए सभी जरूरी तैयारी की जा चुकी है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी पुख्ता इंतजाम है। दवाओं से लेकर स्टाफ की तैनाती समेत अन्य सभी जरूरी विंदुओं पर तैयारी पूरी कर ली गई है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि वर्तमान में जिला अस्पताल में डेंगू के कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। इलाज की सुविधा के लिए जिला अस्पताल में 8 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। जिसमें 3 फिजीशियन और रोस्टर के अनुसार 3 स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाया गया है, अगर कोई मरीज आया तो उसका बेहतर ढंग से इलाज किया जाएगा। दवाओं की उपलब्धता जिला अस्पताल में भरपूर मात्रा में है। मलेरिया का जिला अस्पताल में कोई केस नहीं है। वही बुखार के वर्तमान में 11 मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा 1 एईएस के मरीज का उपचार जिला अस्पताल में हो रहा है।
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एईएस के तीन मरीज की अब तक हो चुकी मौत
जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरी ने बताया कि जिले में 1 जनवरी 2021 से 23 सितंबर तक डेंगू के 6 केस मिले हैं। एईएस के कुल 113 मरीज मिले, जिसमे 3 की मौत हुई है। जेई के कुल 5 मरीज मिले, जिसमे 2 की मौत हुई है। 1 सितंबर 2021 से 22 सितंबर तक वायरल के 1319 मरीज ओपीडी में आए जिसमे हालत गम्भीर देखते हुए 20 मरीजो को डॉक्टर भर्ती किये जो ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।
प्रत्येक सीएचसी में चार बेड सुरक्षित
डेंगू के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए जिले में 12 सीएचसी पर 48 बेड़ सुरक्षित कर लिया गया है। प्रत्येक सीएचसी पर चार-चार बेड़ सुरक्षित किया गया है। इसके अलावा वहां तैनात स्टाफ को भी अलर्ट कर दिया गया जिससे केस आने पर त्वरित इलाज की सुविधा मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिक इलाज की व्यवस्था का समय -समय पर पर्यवेक्षण करने में जुटे हैं।
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यह लक्षण दिखे तो हो सकता है डेंगू
जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरी ने बताया कि अगर किसी को आखों के पिछले हिस्से में तेज दर्द, तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी एवं डायरिया के लक्षण दिखें तो डेंगू हो सकता है। डेंगू से बचाव का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आसपास के छोटे जलस्रोतों में साफ पानी इकट्ठा न होने दें। ऐसे ही पानी में डेंगू का लार्वा पनपते हैं । गमलों, एसी बैंड, फ्रीज ट्रे, कूलर, टायर आदि में जमा पानी की नियमित तौर पर सफाई करते रहें । फिर भी अगर डेंगू के लक्षण दिख रहे हैं तो अपने मन से दवा न खाएं। चिकित्सक की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।
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रोकथाम के लिए टीम भी गठित
डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग की टीम जांच करने में जुटी है। टीम लोगों के घरों, छतों, गमलों, खाली पड़े बर्तनों तथा जल भराव वालों स्थानों पर लार्वा देख रही है तथा निरोधात्मक कार्रवाई कर रही है। साथ ही जन सामान्य को डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूक भी कर रही है। जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरी ने बताया कि डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। रोकथाम के लिए टीम भी गठित कर दी गई है। टीम द्वारा जन सामान्य को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। घरों में कूलर, फ्रीज, गमलों आदि में जमे जल को साफ कराया जा रहा है। जन समुदाय को पीने का पानी उबाल कर प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है।
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डेंगू से ऐसे करें बचाव
नजदीक के सरकारी अस्पताल पर दिखाएं। पूरी बांह की कमीज एवं मोजे पहनें। शरीर को ढंक कर रखें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। आसपास जलभराव न होने दें।
आशा, एएनएम को मिल चुका प्रशिक्षण
कोरोना संक्रमण, मौसमी बीमारियों के साथ साथ डेंगू का भी खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों के सर्विलांस के लिए बीते आठ सितंबर को आयोजित कार्यशाला में आशा,आशा संगिनी, एएनएम, आंगनबाड़ी व प्रयोगशाला प्राविधिकों को ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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