ललितपुर/डोंगराखुर्द। नाराहट क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं प्राचीन देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। झांसी-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग विंध्याचल पर्वत की श्रृंखला हरे-भरे जंगल के बीच अमझरा घाटी पर मां अंजनी एवं कामाक्षा देवी का मंदिर है। मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित इस मंदिर में प्रदेश के अलावा मध्यप्रदेश के कई जिलों से श्रद्धालु दर्शन को आ रहे हैं। नव दुर्गा के समय मंदिर में भक्तों की संख्या बढ़ गई है। देवी मंदिरों में दर्शन करने एवं कथा, हवन, पूजन, चुनरी एवं धार्मिक अनुष्ठान कराने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
ये है मान्यता
मान्यता है कि कामाक्षा देवी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं और तंत्र-मंत्र की सिद्धि इन्हीं के जप तप से प्राप्त होती है। वहीं माता अंजनी अपने लाल हनुमान जी की तरह सभी भक्तों को पुत्र जैसा स्नेह और आशीर्वाद प्रदान करती हैं। माता अंजनी की कृपा से नजर दोष एवं कई बीमारियों के साथ अनेकों बाधाएं दूर होती हैं। देवी मां के दर्शन के साथ हनुमान लला, महादेव के दर्शन करके भक्त धर्म लाभ लेते हैं।
कोविड नियमों का हो रहा पालन
मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद भी कोविड नियमों का पालन कराया जा रहा है। मंदिर में मास्क के अलावा सामाजिक दूरी रखने के लिए भक्तों से लगातार कहा जाता है। मंदिरों की सुबह-शाम धुलाई कराई जा रही है। अमझरा घाटी चौकी पुलिस भीड़भाड़ एवं सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अमझरा घाटी पर प्राचीन हनुमान मंदिर, अंजनी माता और कामाक्षा देवी का मंदिर है जहां वर्ष भर भक्तों का आवागमन रहता है। दर्शन मात्र से ही भक्तों को मनोवांछित फल प्राप्त होता है। नेशनल हाईवे एवं हरे भरे जंगल के किनारे होने के कारण यहां का खूबसूरत नजारा लोगों को लुभाता है।- पुरूषोत्तम नारायण वैद्य, पुजारी
अमझरा घाटी बहुत प्राचीन स्थान है श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होती है। नवरात्र में देवी पाठ अनुष्ठान होते हैं साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाता है। सुबह शाम मंदिरों की धुलाई की जाती है।-विक्रम शाह (राव साहब)
अंजनी माता- फोटो : LALITPUR
हनुमान जी मंदिर अमझरा घाटी- फोटो : LALITPUR