ललितपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव में वैक्सीन को कारगर बताया जा रहा है, लेकिन पांच माह बाद भी टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। जनपद में 821445 लोगों को टीकाकरण किया जाना था, जिसमें महज 256709 लाभार्थियों का ही टीकाकरण किया गया है, जो 31 फीसदी डोज लग पाए हैं।
विशेषज्ञ सितंबर-अक्तूबर में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर आने की संभावना जता रहे हैं। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तमाम तैयारियां की जा रही है। इनमें बच्चों को संक्रमित के दौरान उपचार देने के लिए पीकू वार्ड, कोविड अस्पताल, ऑक्सीजन प्लांट आदि स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा भी संक्रमण से बचाव में कारगर वैक्सीनेशन को भी अधिक महत्वपूर्ण बताया जा रहा है
लेकिन कोविड वैक्सीन के टीका का लक्ष्य अधूरा होने से तैयारियां फीकी पड़ रही हैं। यहां पर जनवरी माह से टीकाकरण शुरू हो गया है। जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मी व फरवरी माह से दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्करों को टीकाकरण किया गया। जिसके बाद 265125 वृद्धजनों को टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया। जिन्हें मार्च माह से टीकाकरण शुरू किया गया। पांच माह बीतने के बाद विभाग लक्ष्य पूरा करना तो दूर 50 फीसदी लक्ष्य नहीं पा सका है। अब भी 456991 लोग टीकाकरण से वंचित बने हुए हैं। वृद्धजनों का महज 44 फीसदी टीकाकरण हुआ है।
इससे भी खराब युवाओं के टीकाकरण की स्थिति बनी हुई है। विभाग को 556320 युवाओं के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष मात्र 137575 युवा लाभार्थियों को वैक्सीन की डोज लग सकी और 418745 लोग टीकाकरण से वंचित हैं। तय लक्ष्य के सापेक्ष 44 प्रतिशत ही वैक्सीनेशन किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण लगातार किया जा रहा है। सीमित डोज मिलने से कम लोगों को डोज लग पा रहे हैं। अधिक डोज मिलने पर टीकाकरण ज्यादा लोगों को टीका लगाए जाएंगे।
- डॉ. हुसैन खान, नोडल अधिकारी कोविड टीकाकरण