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टूरिस्ट के परमिट पर धड़ल्ले से रोजाना दौड़ रहीं बसें

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bus stand.jpg - फोटो : bus stand.jpg
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ललितपुर। टूरिस्ट परमिट की आड़ में बसों का नियमित संचालन किया जा रहा है। इनका संचालन जनपद में ही नहीं अन्य प्रदेशों तक के लिए किया जा रहा है। इससे परिवहन विभाग के राजस्व को चपत लगा रहे हैं तो वहीं, मनमाने तरीके से यात्रियों से किराया वसूल रहे हैं। अधिक कमाई के चलते क्षमता से अधिक सवारियों को बिठाया जा रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
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परिवहन विभाग द्वारा टूरिस्ट बसों का परमिट नियमित संचालन के लिए नहीं दिया जाता है। इसका पंजीयन टूरिस्ट के लिए किया जाता है। जब बस की बुकिंग होती है तब बसों में जाने वाली सवारियों का डाटा एकत्रित किया जाता है। जिसके बाद यात्रा में जाने व वापस आने की तिथि तय होती है। यात्रा में जाने व वापस आने के समय के साथ यात्रियों की सूची परिवहन विभाग में जमा की जाती है। जिसके बाद विभाग द्वारा जाने का परमिट जारी किया जाता है।
लेकिन जिले में कई टूरिस्ट बस संचालक नियमों की अनदेखी कर बसों का संचालन नियमित कर रहे हैं। बस स्टैंड के आस-पास बसें देखने को मिल रही हैं। यहां पर टूरिस्ट बस संचालकों ने बुकिंग कार्यालय खोल रखे हैं। जहां से नियमित (डेली सर्विस) बसों के संचालन का दावा कर रहे हैं। कस्बों तक में बुकिंग कार्यालय खोल दिए हैं। तालबेहट, बार और महरौनी से इंदौर के लिए बसों का संचालन किया जाता है। इन बसों में सवारियों से अधिक वजन का माल आ रहा है। जिससे बसें हमेशा ही ओवरलोड आती है। इस वक्त सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदारों को परिवहन नियमों का उल्लंघन व राजस्व को क्षति पहुंचा रही टूरिस्ट बसों का संचालन नजर नहीं आ रहा है।
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इन महानगरों के लिए प्रतिदिन हो रहा संचालन
जिला मुख्यालय से प्रतिदिन दिल्ली, प्रयाग, कानपुर, भोपाल, देवास, इंदौर, धौलपुर, आगरा, मथुरा, बांदा, चित्रकूट, अजमेर, कोटा, पुष्कर, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत, राजकोट आदि स्थानों पर टूरिस्ट बसों का संचालन हो रहा है।
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बसों का संचालन नियमित नहीं होता है। इसके बाद भी चलाई जा रही हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र अग्रवाल, यात्रीकर अधिकारी
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