ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला चांदमारी में दस वर्ष पुराने मारपीट और एससीएसटी एक्ट के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) बाबर खान ने दो भाइयों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सविता ने बताया कि करीब दस वर्ष पहले शहर के मोहल्ला तालाबपुरा निवासी दीपक बाबा पुत्र हरिकिशन बाबा ने कोतवाली पुलिस में तहरीर देकर बताया था कि 19 नवंबर 2011 की शाम करीब छह बजे वह अपने रिश्तेदार के मिलने बोलेरो गाड़ी से बैंक कॉलोनी गया था। तभी मोहल्ला के ही बृजेंद्र व देवेंद्र ने बोलेरो की ड्राइविंग सीट से खींचकर उसे लात घूसों व लाठियों से मारा पीटा और गाड़ी की चाभी छीन ली और गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद गाड़ी में आग लगाने को भी धमकाया एवं जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। जिस पर वह किसी प्रकार अपनी जान बचाकर गाड़ी मौके पर ही छोड़कर भाग गया। उसने बताया कि उसकी गाड़ी मौके पर ही खड़ी। वहां मौजूद लोगों ने उसे नहीं बचाया होता तो वे लोग उसे जान से मार देते। यह मामला तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दर्ज कर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों बृजेंद्र व देवेंद्र को मारपीट, गाली गलौज और एससीएसटी एक्ट में दोषी पाते हुए कुल तीन वर्ष के कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।