ललितपुर। बाढ़ नियंत्रण को देखते हुए जिले के नौ बांधों का जलस्तर तय कर दिया गया है। 31 जुलाई से बांधों का जलस्तर निर्धारित करते हुए एक सितंबर तक पूर्ण जलस्तर कर लिया जाएगा। सिंचाई विभाग ने प्रत्येक बांध का माहवार जल स्तर तय किया है। इस रोस्टर के अनुसार ही बांध में जलस्तर रखा जाएगा।
मानसून के सीजन में होने वाली बारिश को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बाढ़ नियंत्रण को लेकर बांधों का जलस्तर सामान्य रखने की कार्ययोजना बनाई है। जिसमें किस माह में बांधों का जलस्तर कितने मीटर में रखा जाना है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निर्देश जारी कर दिए हैं। जिले के बांधों का जलस्तर 31 जुलाई को गोविंद सागर बांध 363.32, शहजाद बांध 320.50, सजनाम बांध 371.50, रोहणी 395.25, जामनी बांध 402.64 मीटर तक रखा जाएगा।
वहीं राजघाट बांध 368 मीटर, माताटीला बांध 306.32 मीटर, उटारी बांध 325 मीटर, लोअर रोहणी बांध 366 मीटर तक भरे जाएंगे। इसके बाद एक सितंबर को पूर्ण जल स्तर कर लिया जाएगा। 31 जुलाई तक कोई भी बांध पूर्ण क्षमता में नहीं भरा जाएगा। निर्धारित क्षमता से अधिक बांधों में जल होने पर पानी की निकासी कर दी जाएगी। एक सितंबर को जनपद के सभी बांध अपनी पूर्ण क्षमता के साथ भरे जाएंगे। बाढ़ नियंत्रण व निचली बांधों में जलस्तर समान रखने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कार्ययोजना बना ली है। इसके साथ-साथ बाढ़ से निपटने की भी तैयारी पूरी कर ली गई है।
बांधों का पूर्ण जलस्तर
बांधों के नाम - पूर्ण जलस्तर मीटर में
गोविंद सागर बांध - 363.93
शहजाद बांध - 321.50
सजनाम बांध - 373.20
रोहिणी बांध - 396.39
जामिनी बांध - 403.55
राजघाट बांध - 371.00
मातटीला बांध - 308.45
उटारी बांध - 326.80
लोअर रोहिणी बांध - 368.00
जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा मानसून सीजन में जनपद के बांधों में जलस्तर तय कर दिया गया है। रोस्टर के अनुसार ही बांधों का जल स्तर रखा जाएगा। - बीएन वर्मा, जल लेखा सहायक, बाढ़ नियंत्रण कक्ष, सिंचाई खंड