ललितपुर। परिवारों के बिखराव को रोकने के लिए प्रदेश पुलिस की ओर से चलाई जा रही परिवार परामर्श केंद्र की मुहिम को पलीता लगता नजर आ रहा है। अपने पति की दूसरी शादी करने की शिकायत करने वाली महिला के सामने ही महिला थाना के अधिकारियों ने पति को दूसरी पत्नी के पास विदा कर दिया और शिकायत करने वाली पत्नी से राजीनामा के कागजों पर साइन करा लिए। इतना ही नहीं महिला पुलिस द्वारा फोटो सेशन कराकर पांच परिवारों को टूटने से बचाने की बात कही। फोटो में वह शिकायतकर्ता महिला है, जिसके पति को दूसरी पत्नी के साथ रवाना कर दिया गया।
तालबेहट थाना के ग्राम टेटा निवासी रामवती की शादी जखौरा थाना के ग्राम मुहारा निवासी सीताराम के साथ हुई थी। दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा परेशान किए जाने पर रामवती ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर अपने मायके में रहना शुरू कर दिया। दो मई को उसके पति ने बिना तलाक दिए दूसरी शादी कर ली, इसकी जानकारी होने पर रामवती ने महिला थाने में शिकायती पत्र दिया। इस पर रामवती से शनिवार को आयोजित होने वाले परिवार परामर्श केंद्र में आने को कहा गया।
रामवती के पति सीताराम को महिला थाना पुलिस सौजना थाना के गुढ़ा गांव में दूसरी पत्नी के घर से लिवा कर लाई। महिला थाने में हुई पंचायत के बाद रामवती से एक कागज पर साइन करा लिए गए, जब उसने पढ़ने के लिए कागज मांगा तो उसे डांट दिया गया। थोड़ी देर बाद परिवार परामर्श केंद्र में आए अन्य चार परिवारों के साथ फोटो सेशन करा दिया गया। रामवती ने जब महिला थानाध्यक्ष से कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने पहले दहेज उत्पीड़न का मुकदमा वापस लेने की बात कहते हुए उसे पति को दूसरी पत्नी के पास जाने को रवाना कर दिया।
तालबेहट के ग्राम टेटा निवासी आशाराम की पुत्री रामवती की शादी वर्ष 2006 में जखौरा थाना के मुहारा निवासी सीताराम से हुई थी। कुछ वर्ष पूर्व उसे दहेज की मांग को लेकर मारपीट कर ससुराल से भाग दिया गया। दो मई को उसके पति ने ग्राम गुढ़ा निवासी एक युवती से शादी कर ली, जबकि रामवती व सीताराम के बीच तलाक नहीं हुआ है। इसकी शिकायत महिला थाने में की गई, लेकिन रामवती का आरोप है कि महिला पुलिस ने उसके पति व उसकी दूसरी पत्नी का ही पक्ष लिया।
बिना तलाक लिए शादी करने पर आईपीसी की धारा 494 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। थानाध्यक्ष के संज्ञान में मामला आने पर उन्हें मुकदमा दर्ज करने का अधिकार है।
- हिमांशु हुंडैत, एडवोकेट
रामवती वाला मामला उनके संज्ञान में है, इनके द्वारा पहले भी दहेज उत्पीड़न व भरण पोषण को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया था, जो कोर्ट में ट्रायल पर है। अगर महिला को कोई समस्या है, तो वह संपर्क करे पुलिस द्वारा उसका पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
- मो इमरान, पुलिस अधीक्षक