कैप्सन -1- कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु 2 - विमान ले जाते श्रद्धालु
- फोटो : TALDEHATE
तालबेहट/पवा। सिद्ध क्षेत्र पवागिरि में चल रहे वार्षिक मेले का समापन बुधवार को फूलमाल एवं विमानोत्सव के साथ हुआ। इस मौके पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए।
मुनि सुव्रत सागर महाराज एवं आर्यिका रत्न 105 विवक्ति माता के मंगलमय सानिध्य में अंतिम दिन बुधवार को आयोजित कार्यक्रम पं विनोद कुमार शास्त्री के निर्देशन में हुए। जिसमें विभिन्न स्थानों से पधारे श्रद्धालुओं ने अतिशययुक्त चमत्कारी बाबा मूलनायक पारसनाथ भगवान का मस्तिकाभिषेक किया। विश्व शांति की मंगल कामना के साथ मुनि श्री के मुखारविंद से मंत्रोच्चार के मध्य शांतिधारा का आयोजन किया।
इसके बाद मानस्तम्भ पर कलशारोहण एवं त्रयवार्षिक कलशाभिषेक कार्यक्रम हुआ। बाद में श्री 1008 शांतिनाथ महामंडल विधान का आयोजन किया गया। हर्षोल्लास के साथ स्वर्णभद्रादि मुनिराजों का निर्वाण महोत्सव मनाया गया।
इस मौके पर मुनि ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अन्य क्षेत्रों पर किए गए पाप तीर्थ क्षेत्र पर कट जाते हैं, लेकिन तीर्थ क्षेत्रों पर किए गए पाप भविष्य में कभी नहीं कटते।
दोपहर में क्षेत्र का वार्षिक अधिवेशन हुआ जिसमें कोषाध्यक्ष उत्तमचंद्र ने विगत वित्तीय वर्ष का आय-व्यय ब्योरा प्रस्तुत किया। अंत में विमानोत्सव के कार्यक्रम में श्री जी की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ क्षेत्र की परिक्रमा करती हुई पांडुक शिला पर पहुंची । वहां कलशाभिषेक शांतिधारा के बाद छत्र चमर चढ़ाए गए और मंगल आरती एवं फूलमाल की क्रियाएं हुई। कार्यक्रम को सफल बनाने में पवा क्षेत्र समिति सहित अन्य स्वाजातीय लोगों का सक्रिय सहयोग रहा।
कैप्सन -1- कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु 2 - विमान ले जाते श्रद्धालु- फोटो : TALDEHATE