ललितपुर। जिले में परिवहन निगम के उदासीन रवैैया के चलते 90 फीसदी रोडवेज बसों का संचालन बंद हो गया है। यहां पर 20 के सापेक्ष मात्र दो बसें चलाई जा रही हैं, जो मुख्यालय से सीधी झांसी जा रहीं हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवाजाही मुसीबत बन गई है। भीषण सर्दी में वाहनों के ऊपर बैठकर यात्रा भी नहीं कर पा रहे हैं। सामान्य मरीज तक उपचार को मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन अनदेखा कर रहे हैं।
जनपद में बीते वर्षों पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यालय पर यातायात की सुविधा को सुगम बनाने के लिए रोडवेज की बीस लोहिया बसों का संचालन शुरू किया गया था। इससे लोगों को आवाजाही की सुविधा हो गई, लेकिन धीरे-धीरे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते बसों की संख्या घटती रही। एक-एक करके कम हो गईं। अब हालत यह है कि मात्र दो बसों का संचालन हो रहा है।
मुख्यालय से महरौनी होकर नवागढ़ बस चलने पर बच्चे समय से विद्यालय पहुंचे। मुख्यालय तक पढ़ाई को आवाजाही की सुविधा मिल गई। वहीं लोगों को भी सुविधा मिल गई। इसके साथ ही पाली, मदनपुर, मड़ावरा, बार, सौजना आदि बसों का संचालन बंद हो गया है। इससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो गई है। हालत यह है कि अधिकांश मार्गों पर यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, कुछ मार्गों पर एक ही बस संचालित होने के कारण लोग बसों में खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं। भीषण सर्दी में डग्गामार वाहनों से यात्रा तक नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
इन बसों का संचालन हो चुका बंद
जनपद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यालय होकर झांसी के लिए बसों का संचालन किया जाता था। इनमें दो गुढ़ा-झांसी, दो देवगढ़, दो बालाबेहट, दो मदनपुर नॉन स्टॉप, कैलगुवां-झांसी, ललितपुर से जखौरा होते हुए झांसी, दो प्रयागराज, दो नवागढ़, दो झांसी से बार, दो पाली-झांसी आदि हैं। लेकिन बीते वर्षों में एक-एक करके 18 बसों का संचालन बंद हो गया है। अब यातायात सुविधाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
मात्र दो बसों का हो रहा संचालन
परिवहन निगम की लोहिया बस सेवा का संचालन की शुरूआत में 20 बसें चलाई गईं। लेकिन धीरे-धीरे बसों का संचालन कम होता गया। हालत यह है कि अब मात्र मुख्यालय से झांसी की ओर ही दो बसों का संचालन हो रहा है। सीमित बस होने से यात्रा कराई जा रही है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्री कोविड के नियमों का पालन करना तक भूल गए हैं। रोडवेज का संचालन ग्रामीण क्षेत्र में न होने से यातायात करना दूभर हो गया है।
ललितपुर में रोडवेज बसों का संचालन सामान व बजट के अभाव में नहीं हो पा रहा है। सामान न मिलने से बसों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। बजट मिलने पर बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
प्रियम श्रीवास्तव, सहायक प्रबंधक, झांसी डिपो