बार थाना अंतर्गत ग्राम जरावली में दो पक्षों में हुए विवाद में थाना बार पुलिस ने छह लोगों पर शांति भंग की कार्रवाई की थी, जबकि एक पक्ष इसी मामले में लगातार जरावली प्रधानपति पर सहित अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहा था। इसके तहत एक पक्ष ने जिला मुख्यालय स्थित घंटाघर पर आमरण अनशन शुरू कर दिया और इसमें उन्होंने थाना प्रभारी पर बेइज्जत करने व चार साल के बच्चे को थाने की बैरक में बंद करने का आरोप लगाया था। मामले को तूल पकड़ता देख थाना प्रभारी बार को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक थाना बार पहुंचे जहां पीड़ित पक्ष के एक व्यक्ति ने तहरीर देते हए बताया कि उसका भाई तीन अगस्त को अपनी मजदूरी के 1500 रुपये राजबहादुर जो प्रधानपति हैं, उनसे मांगे, जो गांव के ही मनीराम की दुकान पर बैठे थे। पैसा मांगते ही वह गालियां देने लगे उनके साथ मौजूद अन्य परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी, जिसका शोर शराबा सुनकर उसने अपने भाई को बचाने का प्रयास किया।
इसमें उसके साथ भी मारपीट की गई, जिसमें दोनों को काफी चोटे आई थीं। थाना बार पुलिस ने राजबहादुर, गब्बर राजा, सोनू राजा, हरवेंद्र राजा, मनीराम व दीपक के खिलाफ एक राय होकर गाली गलौज कर मारपीट करने और अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं थाना प्रभारी बार पर हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह मामला उनके जनपद में आने से पहले का है। प्रथम दृष्टया थाना प्रभारी पर लगे आरोपों की पुष्टि नही हो पाई है, लेकिन मामले की गहन जांच के लिए पूरे मामले की सीवीसीटी जांच कराई जा रही है। जांच होने तक थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया हैं। अन्य दोषियों पर मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।