ललितपुर-जखौरा। छह एकड़ खेत के लिए जरूरत के खाद न मिलने से परेशान किसान महेश कुमार (28) कई दिनों से परेशान चल रहा था। शनिवार को झांसी में उसकी मौत की जानकारी होते ही परिजनों का कोहराम मच गया। तीन भाइयों में दूसरे नंबर का बेटा परिजनों का भी चहेता था। देर शाम उसके शव का अंतिम संस्कार गांव में स्थित खेत पर किया गया।
जखौरा ब्लॉक के खिरिया गांव निवासी इमरत का बेटा महेश पाल अपने भाइयों व पिता के साथ छह बीधा खेत पर फसल तैयार करता था। खरीफ की फसल खराब होने पर उसे उम्मीद थी कि रबी में फसल ठीक ठाक होगी लेकिन जरूरत के मुताबिक उसे खाद नहीं मिल पा रही थी। परिजनों ने बताया कि कुछ बोरी खाद उसने समिति से ली लेकिन जरूरत अधिक थी इसी से परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उसकी शनिवार को झांसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पत्नी के अलावा छह व 10 वर्षीय बेटा के सिर से पिता का साया छिन गया। घटना से परिजनों का कोहराम मचा रहा। देर शाम झांसी से शव आते ही गांव में स्थित खेत पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
खाद नहीं कर्जे से परेशान था किसान : डीएम
डीएम आलोक कुमार सिंह ने कहा कि महेश खाद के लिए नहीं बल्कि उस पर कर्जा था जिसे न दे पाने पर उसने जहरीला पदार्थ खाया था। जानकारी पर उन्होंने एसडीएम एसपी सिंह से मामले की जांच कराई थी। उन्होंने बताया कि साधन सहकारी समिति सिरसी पर खाद का स्टाक पर्याप्त है और तीन दिनों से लगातार बंट रही है। शनिवार को 600 बोरी खाद बांटी गई। इस लिए खाद न मिलने से परेशान होकर जहर खाने की बात गलत बतलाई जा रही है।