ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक मोहल्ले में बेशकीमती जमीन का तरमीमी नक्शा गायब करने और जमीन क्रय करके अवैध रूप से कब्जा करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रमेश खटीक एवं लेखपाल व कानूनगो समेत नौ नामजद समेत दस आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
सिविल लाइन फूटा बंगला निवासी वीरेश कुमार चौबे ने सीजेएम न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि ललितपुर अंदर हद में भूमि संख्या 6434 का रकबा 12.90 एकड़ जमीन, जो बटेजात में विभक्त है। सदर तहसील में व्याप्त कुप्रबंधन, कुप्रशासन एवं भ्रष्टाचार के कारण लेखपाल, कानूनगो व अन्य राजस्व कर्मियों की सांठगांठ व षड़यंत्र पूर्वक तरीके से तरमीमी नक्शा गायब कर दिया गया है और कूूटरचना कर लेखपाल अरविंद ताम्रकार व संतोष कानूनगो व अन्य राजस्व कर्मियों द्वारा आराजी संख्या 6434/3 पर बिना किसी विधिक प्रक्रिया को अपनाए, बिना विधिक सीमांकन कराए और बिना कोई बटवारा कराए एवं बिना किसी कानूनी आदेश के 11 जुलाई 2021 से भूमि संख्या 6434/1 पर कई व्यक्तियों को कब्जा कराना शुरू कर दिया है। अब उक्त लोग आराजी संख्या 6434/3 पर उसके कब्जा दखल व भरी हुई नींव पर 6434/1 व 6434/2 के नाम पर कब्जा करा रहे हैं। वह अपनी जमीन पर पूर्व से काबिज है और मकान बनाने के लिए नींव का निर्माण बहुत पहले ही कर लिया था। कब्जा कर रहे व्यक्तियों द्वारा उसकी नींव को ध्वस्त कर अपराध किया जा रहा है।
आरोप है कि तरमीमी नक्शा गुम होने का मामला न्यायालय में विचाराधीन है जिसकी प्रतिलिपि प्रस्तुत की गई है। इसके बाद उक्त नक्शा कब गायब हुआ, कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए, उक्त नक्शा की व अन्य दस्तावेजों की बरामदी बिना पुलिस विवेचना के संभव नहीं है। आरोप लगाया कि आराजी पर कब्जा कर रहे व्यक्तियों में रमेश खटीक जिसने बैनामी संपत्ति के रूप में अपने रिश्तेदार झांसी के दरीगरान निवासी सोहनलाल खटीक के नाम से आराजी संख्या 6434/1 का अंश भाग खरीदा है। नागपुर निवासी अनिल कुमार जैन ने अपने मुख्तयार आशीष समैया के द्वारा कब्जा किया जा रहा है। आशीष ने भी आराजी संख्या 6434/2 का अंश भाग क्रय किया है, लेकिन कब्जा 6434/3 पर किया जा रहा है जिसमें शिवनारायण, संजय, विजय, सुनील, अनिल, अखिल आदि अन्य अनेक लोग शामिल हैं। उक्त लोगों ने कब्जा करने से मना करने पर उसे व उसके परिवारजनों को फर्जी व झूठे हरिजन एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। उसने इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस में 22 जुलाई 21 को की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब कोतवाली पुलिस ने उक्त मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।