ललितपुर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत का मुद्दा उठाया गया। सदस्यों ने खस्ताहाल सड़कों को शीघ्र दुरुस्त करने का प्रस्ताव दिया। जिला पंचायत की कार्ययोजना सर्वसम्मति से स्वीकृत की गई। बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सदस्यों ने नाराजगी जताई और सवाल उठाए गए।
जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में विकास के प्रस्तावों के अलावा अन्य विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों एवं संचालित योजनाओं पर चर्चा हुई। नवगठित बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन ने की। सदस्यों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते हुए आरोप लगाया कि बकायेदारों के साथ विभाग के कर्मचारियों द्वारा बदसलूकी की जाती है और विभाग द्वारा विद्युत आपूर्ति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिला पंचायत सदस्यों ने नाराजी व्यक्त की। सदस्यों ने कहा कि उपभोक्ताओं का बिजली विभाग द्वारा शोषण किया जा रहा है।
अध्यक्ष के लिए नई गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव पास किया गया। पंचम राज्य वित्त आयोग योजना के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन किया गया। 15 वें वित्त आयोग की अनटाइड ग्रांट के अंतर्गत वर्ष 2021-22 की अनुपूरक कार्य योजना के अनुमोदन पर विचार किया और वार्षिक कार्य योजना को अनुमोदित किया गया। खनिज तहबाजारी की उपविधियों के संशोधन पर विचार किया गया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित भूमि/ भवनों की सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवाल बनाने और समस्त संपत्ति की तहसील स्तर पर पैमाइश कराने पर विचार किया गया। एजेंडे में 11 बिंदु शामिल रहे।
बैठक में अधिकारियों के अलावा जिला पंचायत सदस्य कृष्णा कुमारी, बेनी बाई, सुरेंद्र कुमार, भवानी सिंह, मंगल सिंह, अतल देवी, अमर सिंह, रामू, धनंजय, मनोज, वीर सिंह, श्रद्धासिंह, प्रेम बाई, कल्लू, राजकुमार, आशीष कुमार, नरेंद्र कुमार, लीलाधर दुबे, जनक आदि मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता व संचालन अपर मुख्य अधिकारी मणिंद्र सिंह ने किया।
सोलर पंप लगाने का टेंडर निरस्त
ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति के लिए जिला पंचायत ने पहले सोलर पंप लगाने का टेंडर जारी किया गया था। लेकिन अनुबंध होने के बाद भी ठेकेदारों ने कार्य नहीं किया। सदस्यों ने आरोप लगाया कि उक्त कार्य पुराना हो चुका है, इसलिए निरस्त किया जाए। इस धनराशि को अन्य विकास कार्यों में खर्च किया जाए। यह प्रस्ताव सदन में सर्वसम्मति से पारित किया गया। बताते चलें कि जिला पंचायत बोर्ड ने ग्रामीण इलाकों में तीस सोलर पंप से पेयजल आपूर्ति योजना तैयार की थी, जिस पर ठेकेदारों ने अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया है।