ललितपुर। सोमवार रात को हुई करीब पांच घंटे की लगातार बारिश से जनपद के सूखे पड़े बांधों में पानी दिखने लगा है। जामनी बांध तो रिकार्ड तेजी से भर गया। सोमवार को जामनी बांध में चार फुट पानी था। मंगलवार सुबह यह आंकड़ा बढ़कर 18 फुट बढ़ गया। जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी को देखते हुए बांध के सभी छह गेटों को एक-एक फुट खोल दिया गया है। जामनी बांध की कुल क्षमता 24 फुट की है। जामनी बांध के भरने से मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पेयजल संकट दूर होने की संभावना है। इसके अलावा जनपद के गोविंद सागर, रोहिणी, कचनौंदा, लोअर रोहिणी, माताटीला बांध में भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
विद्यालयों को बनाया अस्थाई आशियाना
बारिश के चलते कई गांवों में लोगों के घरों में पानी भर गया है। जिससे घर के अंदर रखा अनाज के साथ गृहस्थी का सामान खराब हो गया। ऐसी स्थिति में गांव के प्रधान व अन्य लोगों ने परिषदीय विद्यालयों में कई परिवारों के रुकने की अस्थाई व्यवस्था की है। ग्राम खिरिया उवारी, धौलपुरा, गदौरा, झरावटा, सरखड़ी, गुढा मड़ावरा आदि गांवों में कई परिवारों को विद्यालयों में ठहराकर भोजन कराया जा रहा है।
फसल पर पड़ेगा बुरा असर
सूखे के कारण रबी फसल बर्बादी से टूट चुके किसानों को खरीफ की फसल से उम्मीद है। लगातार हुई जोरदार बारिश के कारण सैकड़ों हेक्टयर खेत में पनप रही उर्द, सोयाबीन की फसल को नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश होने के कारण खेतों में जलभराव होने से फसल को नुकसान पहुंचा है।
फट सकता है डोंगराखुर्द का तालाब
ग्राम डोंगराखुर्द में सिंचाई विभाग का 36 एकड़ रकबा का तालाब है। सोमवार की बारिश के बाद यह लबालब भर गया है। ग्रामीणों ने इस तालाब की पिचिंग में लगे पत्थरो को निकाल लिया गया है। तेज बारिश के बढ़ रहे तालाब के जलस्तर से इसके फटने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह तालाब फटता है, तो खिरिया उवारी, धौलपुरा, गदौरा, गुढ़ा मड़ावरा में तबाही हो सकती है। तालाब की स्थिति की रिपोर्ट जिलाधिकारी को मिल गई है। जिस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को तालाब की पिचिंग जल्द कराने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।