ललितपुर। कोरोना काल में मुलाकात पर लगी रोक से जेल में बंद बंदी घरवालों से मिलने के लिए एक-एक दिन गिन रहे हैं। वहीं, उनके परिजन भी उनसे मिलने को बेताब हैं। इसी आस के चलते परिजन रोज जेल पहुंच रहे हैं, लेकिन आदेश न आने का हवाला देकर उनको मना कर दिया जाता है।
कोरोना के चलते जेलों में 24 मार्च 2020 से किसी से मुलाकात पर रोक है। जेल में बंद अपनों का हालचाल जानने के लिए परिजन बेताब हैं। डेढ़ साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद अपनों से मिलने को परेशान हैं। अनलॉक के बीच जहां देशभर में सब खुल गया हो, लेकिन जेल में मुलाकात अब भी बंद है। ऐसे में परिजन खासे परेशान हैं। कोरोना असर कम होने के बाद मुलाकात के आसान बने थे, लेकिन इस साल मार्च में कोरोना का संक्रमण बढ़ने के बाद रोक लगा दी गई थी।
लंबा समय बीतने के बाद दोनों मुलाकात के लिए खासे परेशान हैं। जेल में 400 से अधिक कैदी हैं। जेल में भले ही मुलाकात पर रोक है, लेकिन खाने का सामान पहुंच रहा है। परिजनों से न मिलने का दर्द दोनों तरफ है। मुलाकात की चाह में परिजन सुबह से ही जेल पहुंच जाते हैं, लेकिन नियमों का हवाला देकर उनको मिलने से मना कर दिया जाता है। वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि मुलाकात का कोई भी आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद ही मुलाकात शुरू होगी।