मड़ावरा (ललितपुर)। जनपद के छोर पर वनांचल में बसे गांवों में विकास के नाम पर जमकर घालमेल किया जा रहा है। विकासखंड मड़ावरा की ग्राम पंचायत कुर्रट के गांव लखंजर में विकास कार्यों में जमकर अनियमितताएं बरती गईं हैं। वर्ष 2021-22 में पांचवे राज्य वित्त एवं 15वें केंद्रीय वित्त के तहत हैंडपंप रिबोर के लिए लाखों रुपयों का खर्च दर्शाया गया, जबकि कई विकास कार्य धरातल से गायब हैं।
ग्राम लखंजर में 15वें केंद्रीय वित्त से भागीरथ के मकान के पास सार्वजनिक हैंडपंप के रिबोर कराने के नाम पर बीते 11 नवंबर को 84,868 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि सार्वजनिक हैंडपंप का व्यक्तिगत उपयोग किया जा रहा है। वहीं प्राथमिक विद्यालय में हैंडपंप रिबोर के नाम पर बीती 14 फरवरी को लहर ट्रेडर्स के लिये 62,338 रुपयों का भुगतान किया गया, जबकि स्कूल परिसर में कोई रिबोर नहीं किया गया। वहीं लखंजर में पेयजल आपूर्ति एवं ग्रामीण स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम लखंजर में मलखान के घर के पास लगे हैंडपंप से निकले अतिरिक्त पानी के अवशोषण के लिए सोक-पिट निर्माण में मड़ावरा की एक फर्म को 17,570 रुपये का भुगतान किया गया। प्राथमिक विद्यालय में शोक-पिट निर्माण के लिए 09 जनवरी को 17,650 रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन कोई भी सोक-पिट नहीं बनाये गए। लखंजर के सरकारी विद्यालय के कमरों में टाइल्स लगाने के काम में भी घालमेल किया गया।
गांव में विकास कार्यों में काफी घालमेल किया जा रहा है। सरकारी स्कूल में हैंडपंप एक वर्ष से खराब पड़ा है। गांव के हैंडपंप के पास गंदगी का अंबार लगा है। मगर कागजों में खर्च दिखाया जा रहा है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
-भान सिंह, ग्रामीण।
वनक्षेत्र में बसे लखंजर में विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। अगर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-दीपेंद्र कुमार पांडेय, बीडीओ, मड़ावरा