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यूपी: ललितपुर पहुंचीं राज्यपाल, कहा- असहाय और निशक्त महिलाओं को जेल से रिहा किया जाएगा

Thu, 18 Nov 2021 05:14 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, ललितपुर

सार

सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अधिकारियों को बाल विवाह रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि वह लोग बिना शिकायती पत्र के भी मौके पर जाकर अपने कर्तव्य का पालन करें और बाल विवाह न होने दें।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ललितपुर में कहा कि जेल में बंद असहाय व निशक्त महिलाओं को रिहा किया जाएगा। जिससे वह आगे का जीवन सुखमय व्यतीत कर सकें। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सहमत हैं। उन्होंने कहा कि जेल में बंद अधिकांश महिलाएं बहू को जलाने अथवा उनकी हत्या के आरोप में सजा भोग रही हैं। समाज में बहू को बेटी मानकर घर में रखा जाए तो उसे मारने जैसी कल्पना कभी नहीं आएगी। वह गुरुवार को जीआईसी कॉलेज सभागार में आंगनबाड़ी के कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

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राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की जेलों में महिला बंदियों से मुलाकात करने पर पता चला कि अधिकांश बहुओं को मारने की वजह से जेल में बंद हैं। सभी महिलाओं को इसके लिए संकल्प लेना होगा कि जब बहू को शादी करके लाएं तो उसे बेटी मानकर रखें इससे बहू को मारने जैसी कल्पना नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि जेल में सजा काट रहीं असहाय व निशक्त महिलाओं को रिहा किया जाएगा इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहल शुरू कर दी है। इस मौके पर राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाह, बुंदेलखंड विवि के कुलपति प्रोफेसर शमशेर सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। 

राज्यपाल ने आंगनबाड़ी के लिए बांटी प्री-स्कूल किट

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बृहस्पतिवार को जनपद पहुंचीं और राजकीय महाविद्यालय के सभागार में 160 आंगनबाड़ी केंद्रों को विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से दी जाने वाली प्री-स्कूल किट का वितरण किया। इसके साथ ही उन्होंने वृद्धाश्रम के लिए 2.08 लाख रुपये की लागत से जरूरी सामान का भी वितरण किया। इसके बाद उन्होंने जिला कारागार में पहुंचकर महिला बंदियों से मुलाकात की। 

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बृहस्पतिवार को शाम को सवा चार बजे पुलिस लाइन परिसर में बने हेलीपैड पर पहुंची, जहां से वह कुछ समय के लिए लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस गईं और वहां से वह सीधे राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचीं, जहां उन्होंने सबसे पहले विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए आठ स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके बाद वह कॉलेज के सभागार में पहुंचीं। 

कार्यक्रम में उन्होंने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने यहां आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं एक डेमो चेक सौंपा और दस आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं के लिए प्री-स्कूल किट का वितरण किया। 
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खुद को डीएम और प्रधान अपने को मंत्री समझकर काम करें

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता भी खुद को डीएम समझकर अपना कार्य करें और ग्राम प्रधान खुद को मंत्री समझें और अपना काम लगन से करें। उन्होंने कहा कि मेरा गांव कुपोषण मुक्त हो इसके लिए संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यदि एक भी बच्चा कुपोषित है तो उस पर काम करें जिससे कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचने वाले बच्चों के लिए ग्राम प्रधान, किसान व ग्रामीण सहयोग करें। छोटी-छोटी चीजों, सब्जी आदि के लिए कोई मना न करे।

उन्होंने यहां कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने टीबी को विश्व से खत्म करने के लिए 2030 तक का समय रखा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह इतना इंतजार नहीं कर सकते हैं और उन्होंने 2025 तक भारत को कुपोषित मुक्त करने का संकल्प लिया है। यदि आसपास कोई टीबी का मरीज है तो उसके लिए चने, मूंगफली देते रहें तो वह गांव छह माह में टीबी से मुक्त हो सकेगा।
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