साढूमल। श्री 105 गणेश प्रसाद वर्णी महाराज की 148वीं जयंती श्री महावीर दिगंबर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाई गई। विद्यालय के पदाधिकारी एवं अतिथियों ने उनकी प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर, कलश स्थापना की और चित्र अनावरण किया। अतिथियों ने कहा कि वर्णी महाराज ने शिक्षा की अलख जलाई थी।
विचार गोष्ठी में ज्योति एवं अन्य बच्चों ने अपने विचार रखे। समदर्शी जैन, पंडित संतोष कुमार शास्त्री, प्रधानाचार्य विनीत कुमार जैन, पूर्व प्रबंधक देवेंद्र कुमार जैन, अध्यापक अनीश जैन आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष वर्धमान कुमार, प्रबंधक कमल कुमार, राजेश जैन, दीपक जैन, हुकमचंद, राजेंद्र कुमार, प्रकाश चंद, जगदंबा प्रसाद, माधुरी श्रीवास्तव, शैलू पारस, राज, अनुज, श्रीकांत, ज्योति, सपना मिनी आदि विद्यालय के बच्चे भी उपस्थित रहे। संचालन विनीत कुमार जैन प्रधानाचार्य ने किया।
उत्तरांचल- उत्तर प्रदेश तीर्थक्षेत्र कमेटी के मंत्री डॉ. सुनील संचय कहा कि वर्णी जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन से सैकड़ों पाठशालाएं, विद्यालय और महाविद्यालय खुले। एक बार जबलपुर में हो रही आमसभा में आजादी के पुजारियों की सहायतार्थ उन्होंने अपनी चादर समर्पित की थी। इस चादर से उसी क्षण तीन हजार रुपये की मिली राशि ने सभा को आश्चर्यचकित कर दिया था।