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डीजल की बढ़ती कीमतों से किसान हुए परेशान

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petrol pump.jpg - फोटो : petrol pump.jpg
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सिलावन (ललितपुर)। डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम आदमी की जेब पर बुरा असर डाला हैं, वहीं किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि डीजल के दाम बढ़ने से खेती पर असर पड़ रहा है। इससे खेतों की जुताई और सिंचाई करने का बोझ बढ़ेगा।
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कभी सूखा तो कभी बाढ़ की विभीषिका से जूझते किसानों के लिए डीजल के दामों में बढ़ोतरी किसी परेशानी से कम नहीं है। बैंक और साहूकारों के कर्ज के बोझ तले दबे किसानों के लिए महंगे डीजल के साथ खेतों की जुताई और सिंचाई करना आसान नहीं होगा। प्रतिदिन बढ़ रही डीजल-पेट्रोल की दरों के चलते किसान परेशान हैं। हाल ही में खरीफ की फसल पानी से बर्बाद हो गई, अब आगे की फसल की जुताई और सिंचाई के लिए मुश्किल होगी। किसानों का कहना है कि किसानों के लिए डीजल उपलब्ध कराने को सरकार को नीति बनाना चाहिए ताकि किसान को सस्ते दामों पर डीजल मिल सके।
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क्या कहते हैं किसान
खेती के लिए ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, पंजा और दूसरे औजार इस्तेमाल होते हैं, उसमें डीजल की खपत होती हैं। अगर किसानों को डीजल में राहत मिले तो लागत में थोड़ी कमी आएगी। भगवत सिंह, किसान कसिरदा गांव
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डीजल के दाम बढ़ने से खेती की लागत काफी बढ़ जाएगी इससे ट्रैक्टर की जुताई से लेकर सिंचाई तक और फसल की ढुलाई तक के खर्च में इजाफा होना तय हैं। उसके विपरीत मुनाफे में भी कमी आएगी। रामस्वरूप, किसान बारव गांव
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किसान लगातार दैवी आपदाओं से जूझ रहा हैं ऐसे में डीजल के दामों ने तो मानों किसान की कमर ही तोड़ दी है। हाल ही में खरीफ की फसल पानी से बर्बाद हो गई, डीजल के बढ़े दाम भी बर्बादी का कारण बन सकते हैं। महेंद्र सिंह राजपूत, किसान छिल्ला गांव
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सरकार को चाहिए कि डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाए, इससे डीजल के दामों को कम किया जा सकता हैं। डीजल के दाम कम होने से फसल की लागत को कुछ हद तक कम किया जा सकता हैं। इससे किसानों को लाभ होगा। देवेंद्र सिंह, किसान
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