ललितपुर। जिले में कालाबाजारी से किसानों को हो रही खाद की किल्लत को लेकर शिक्षक विधायक प्रतिनिधि विजय सिंह यादव ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कालाबाजारी रोकने और निर्धारित दरों में खाद दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि खरीफ की फसल नष्ट होने के बाद किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। बैंक व साहूकारों के कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है। अब रबी की बुवाई की सीजन आ गया है। ऐसे में किसान बुवाई के लिए पुन: अतिरिक्त कर्ज लेकर खाद लेने आ रहे हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद विक्रेताओं ने किसान को ठगने के लिए सिंडिकेट तैयार कर लिया है, जो स्टाक कर तरह-तरह की अफवाह फैला रहे हैं, खाद नहीं मिल रहा अधिक रेट में हमको मिला है आदि तरह से गुमराह कर रहे हैं। समितियों पर भी सौ रुपये लिए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि स्टॉक की जांच कर निर्धारित दरों में खाद उपलब्ध कराया जाए।
दुकानों के बाहर खाद खरीदने के लिए लग रही भीड़
तालबेहट। तीन दिन पहले हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने खाद की गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। बुवाई का अनुकूल मौसम होते ही क्षेत्र का अधिकांश किसान एक साथ फसल बुवाई में जुट गया, जिससे उक्त संकट पैदा हो गया। वहीं प्रशासन के खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए दुकानों पर एक एक राजस्व कर्मचारी को तैनात कर दिया लेकिन किसान खाद के लिए परेशान हैं।
क्षेत्र के किसानों को हर बार फसल बुवाई और कटाई के समय प्राकृतिक आपदा और खाद, बीज की कालाबाजारी का सामना करना पड़ता है। यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से चला आ रहा है। इस बार तीन दिन पहले हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने डीएपी खाद की कमी के चलते मुसीबतें पैदा कर दी है। इसके लिए सुबह से किसान दुकानों पर खाद लेने के लिए जुट जाते हैं। कई दुकानदारों ने तो किसानों के उग्र रूप को देखते हुए अपने प्रतिष्ठान तक बंद कर दिए। वहीं किसानों की शिकायत पर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार की अगुवाई में राजस्व अमला पूरे क्षेत्र में धूम रहा है लेकिन किसानों की परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि इसके लिए नगर एवं क्षेत्र के समस्त निजी खाद विक्रेता के यहां एक एक राजस्व कर्मचारी की ड्यूटी लगा दी है।
बाहर के किसान आ रहे हैं खाद खरीदने
-- नगर में इस समय खाद का गंभीर संकट है लेकिन नगर में पर्याप्त खाद होने की अफवाहों के चलते बानपुर, बांसी, बार आदि क्षेत्रों से किसान डीएपी खरीदने तालबेहट में डेरा जमाए हैं। वहीं दुकानदार स्टॉक न होने का बोर्ड लगा कर दुकानों से नदारत हैं।