महरौनी (ललितपुर)। खेतों के सूखने से चिंतित किसान बुवाई को लेकर परेशान हैं सुबह होते ही किसान तहसील मुख्यालय पर आ जाते हैं और दिनभर खाद के लिए किसान दर-दर भटकते फिर रहे और रात हो जाने पर बिना खाद लिए वापस चला जाता है।
प्रदेश व केंद्र सरकार किसानों की दोगुनी आय करने के दावे कर रही है लेकिन हकीकत में कुछ और है। रवि फसल की बुवाई का समय चल रहा है और बाजार में किसान को बुवाई के लिए खाद नहीं मिल रही है। किसान एक बोरी लेने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाकर दिनभर लाइन में लगा रहता है किसी को तो एक बोरी मिल जाती है और अधिकांश किसान लाइन में लगे रहने के बाद भी खाद नहीं ले पाते हैं। किसानों का आरोप है कि कुछ खाद व्यापारी रात में खाद का ट्रक मंगवाकर बाजार के बाहर खड़ा कर मनमाने दामों में खाद बेच रहे हैं और गरीब किसान मुंह ताकता रह जाता है। सहकारी समितियों पर नियमित खाद उपलब्ध न हो पाने से समस्या और भी गंभीर होती जा रही है। किसानों ने सहकारी समितियों, क्रय विक्रय, बीज गोदामों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग डीएम से की है।
एक हफ्ते से रोज आने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। अगर एक-दो दिन में खाद नहीं मिली तो बर्बाद हो जाएंगे।- किसान कृष्ण प्रताप सिंह
सरकार को प्राइवेट दुकानदारों के साथ-साथ सहकारी समितियों, क्रय विक्रय और बीज गोदाम पर पर्याप्त मात्रा में खाद की सप्लाई कर खाद वितरण करानी चाहिए। जिससे सभी को आसानी से खाद मिल सके।- किसान सुदेश कुमार पाठक।
बरसात हो जाने से खेतों में नमी आ गई थी किसान बारिश हो जाने से खुश था लेकिन खाद न मिलने से किसान बर्बाद हो रहा है। -किसान भरत रजक।
खाद लेने के लिए सुबह से ही आ जाते हैं और दिनभर भटकते फिरते हैं लेकिन खाद नहीं मिलती है। कैसे बुवाई करेंगे समझ नहीं आ रहा है। -किसान विनोद कुमार।
कुछ खाद व्यापारी रात में बाजार से दूर ट्रक खड़ा कर मनमाने दामों में खाद बेचकर खूब कमाई कर रहे है और भोले भाले किसान खाद मिलने की आस में दिनभर लाइन में लगे रहते हैं।- किसान रवि यादव।
सरकार ने पहले नोटबंदी में लाइन में लगाया था अब खाद के लिए लाइन में लगा दिया है। खाद समय पर नहीं मिला तो हमारे खेत सूख जाएंगे।-किसान ऊदल सिंह।