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खेत में पेड़ पर लटका मिला किसान का शव

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ललितपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मसौराखुर्द में एक किसान ने अपने खेत में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि जरूरत के मुताबिक खाद न मिलने से उसने आत्महत्या कर ली है। आरोप लगाया कि कुछ दिनों से वह खाद की किल्लत से परेशान था, पांच दिन लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पाई थी, इससे परेशान होकर आत्महत्या की है। उधर, डीएम आलोक सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर ने घटना की जांच पड़ताल की। इसमें बताया गया कि मृतक के नाम 3.899 हेक्टेयर खेती है जिसमें 60 प्रतिशत बुवाई की जा चुकी है। उसके नाम केसीसी पर करीब 10 लाख का ऋण था। पत्नी और मां की मौत के बाद वह आर्थिक तंगी में आ गया जिस कारण मानसिक तनाव में रहता था, खाद न मिलने का आरोप गलत है।
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ग्राम मसौरा खुर्द निवासी रघुवीर पटेल (37) पुत्र पृथ्वीपत खेत पर रखवाली के लिए बृहस्पतिवार को गया था। इसके बाद वह खेत पर बने कमरा में ही रुक गया। बेटा उसे खेत पर ही खाना पहुंचा देता था। शनिवार की सुबह पड़ोस के खेत वाले कोमल राजपूत व सनत कुमार पटेल अपने खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान जामुन के पेड़ से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे एक शव लटका दिखाई दिया। उन लोगों ने पास में जाकर देखा तो गांव निवासी रघुवीर पटेल लटकता दिखाई दिया। आननफानन उन दोनों ने इसकी सूचना रघुवीर के परिजनों को दी।
मौके पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पेड़ से शव को उतरवाया और जांच पड़ताल की। पुलिस को मृतक की जेब से एक पर्ची बरामद हुई जिसमें खाद न मिलने की वजह से आत्महत्या करना लिखा था लेकिन पर्ची पर हस्ताक्षर अथवा नाम आदि नहीं लिखा था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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दो पुत्रों व पुत्री के सिर से पिता का साया भी उठ गया
मृतक रघुवीर के पास नौ एकड़ जमीन है। जिस पर खेेती कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। इसके 17 व 13 वर्ष के दो बेटे हैं। बेटी 15 वर्ष की है। मृृतक की पत्नी की मौत 13 वर्ष पहले कैंसर की बीमारी के चलते हो गई थी। तब से बच्चों का पालन पोषण वह स्वयं कर रहा था। अब बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया है। बच्चों के सामने पालन पोषण का संकट भी आ गया है।
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मृतक के भाई ने लगाए खाद न मिलने के आरोप
मृतक के बड़े भाई पहलवान सिंह ने बताया कि बीते दिनों से खाद को लेकर भाई काफी परेशान था। बताया कि खाद के लिए भाई और वह भी पांच दिन तक लाइनों में लगे रहे, लेकिन खाद नहीं मिल पाया था। जिसके बाद झांसी जाकर चार बोरी खाद 15 सौ रुपये प्रति बोरी की दर से लाए थे। दो बोरी भाई को दी थी। उसने मटर की बुवाई की थी। भाई खाद को लेकर काफी परेशान चल रहा था। उसने आरोप लगाया है कि खाद न मिलने से भाई रघुवीर पटेल ने आत्महत्या का कदम उठाया है।
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सूचना विभाग ने ग्रामीणों के बयान लिखा कागज जारी किया
प्रशासन की ओर से सूचना विभाग ने जारी एक कागज पर गांव के राम सिंह, सनत कुमार, कोमल राजपूत और रमेश कुमार के हस्ताक्षर युक्त बयान जारी किए हैं। इसमें लिखा है कि उनके खेत के पास ही रघुवीर सिंह का खेत है उसकी पत्नी की बीमारी के चलते करीब 10 साल पहले मौत हो चुकी है। रघुवीर के बच्चे छोटे-छोटे हैं जिस कारण वह तनाव में रहता था। उसके खेत पर करीब 50-60 फीसदी बुवाई हो चुकी है। रघुवीर की मां की मौत करीब तीन साल पहले हो चुकी है तब से वह बच्चों की परवरिश के लिए तनाव में रहता था।
जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाद का लगातार वितरण हो रहा है। किसान ने फांसी किस कारण लगाई इसकी जांच कराई जा रही है। उसके पास से बरामद पर्ची के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है।
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आलोक सिंह, डीएम
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