ललितपुर। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को डीएम अन्नावि दिनेश कुमार ने छापा मारा तो करीब डॉक्टरों सहित 36 से अधिक कर्मचारी गायब मिले। उन्होंने सीएमएस से अनुपस्थित रहे कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। इस दौरान इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से वार्ता कर उनका हालचाल पूछा और अस्पताल की सुविधाओं के बारे में फीडबैक भी लिया।
डीएम को काउंसलिंग कक्ष एवं फिजियोथैरिपी कक्ष में मात्र एक व्यक्ति मौजूद मिला, साथ ही पोस्ट कोविड हेल्प डेस्क भी बंद मिली। अस्पताल के प्रवेश द्वार के गलियारे में गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताते हुए सीएमएस डॉ. राजेंद्र प्रसाद को नियमित रूप से साफ-सफाई कराने और पोस्ट कोविड हेल्प डेस्क का संचालन सुचारु कराने के निर्देश दिए।
तंबाकू नियंत्रण कक्ष बंद मिला, साथ ही डॉ ऋजु दुबे व नीलांजलि दुबे चैंबर में नहीं मिली। पूछे जाने पर सीएमएस द्वारा राउंड पर जाना बताया गया। डीएम ने राउंड ड्यूटी रजिस्टर चेक करते हुए चिकित्सकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। डीएम ने इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से वार्ता कर उनका हालचाल पूछा व अस्पताल की सुविधाओं के बारे में फीडबैक भी लिया। इस दौरान वार्डवॉय यूनिफार्म में न देख उन्होंने ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से यूनिफार्म पहनने के निर्देश दिए। कंगारु मदर केयर सेंटर का निरीक्षण किया गया, जहां
गंदगी पायी गई, बताया गया कि यहां प्रेमरानी सफाईकर्मी की ड्यूटी है, इस पर सीएमएस को निर्देश दिए कि सेंटर में नियमित रूप से सफाई कराई जाए। कंप्यूटर कक्ष में उपस्थित कर्मचारियों से आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की जानकारी ली और नेत्र परीक्षण कक्ष में स्वयं का नेत्र परीक्षण कराकर उपकरणों का सत्यापन किया।
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अस्पताल में गंदगी देख सफाई कर्मचारियों का कराया भौतिक सत्यापन
जिला अस्पताल में गंदगी देख नाराज डीएम ने जब सफाई कर्मचारियों को तलब किया तो आउटसोर्स एवं स्थायी कर्मचारी ही उपस्थित हुए। बताया गया कि कार्यदायी संस्थान राज सिक्योरिटी व अवनि परिधि संस्था के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारी सफाई कार्य हेतु लगे हुए हैं ,जो रोस्टर के अनुसार कार्य करते हैं। इस पर डीएम ने
जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय के माध्यम से सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर के सापेक्ष उन्हें बुलाकर सत्यापन कराया, जिसमें तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी मौके पर गैरहाजिर पाए गए, इस पर डीएम ने सभी गैरहाजिर कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेने के लिए सीएमएस को निर्देश दिए, साथ ही स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (महिला) डॉ. हरेंद्र सिंह चौहान, मौजूद रहे।