ललितपुर। ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। बीते महीनों में जनपद में महिला पुलिसकर्मी एवं लेखपाल समेत 13 लोगों से साइबर ठगों ने उनके अकाउंट से लाखों रुपये निकाल लिए थे। इन मामलों में साइबर क्राइम सेल टीम को बड़ी सफलता मिली है, जिसके तहत साइबर टीम ने सभी 13 पीड़ित लोगों के अकाउंट में उनके दस लाख पैंसठ हजार रुपये वापस कराए हैं।
पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने बताया कि वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने व आम जनता को इससे राहत दिलाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम सेल की टीम द्वारा सार्थक प्रयास किया गया है। पिछले दिनों में 13 पीड़ितों ने शिकायत की थी। इनके अकाउंट से साइबर ठगों ने फर्जी तरीके से रुपये उड़ा लिए थे। खास बात यह थी कि सभी लोगों ने ऐसे साइबर ठगों को अपने अकाउंट और मोबाइल पर आया ओटीपी बताया था। जिसके चलते उनके साथ ठगी हो गई।
साइबर क्राइम सेल टीम ने उन लोगों से उनके साथ हुई ठगी के मामलों की पूरी जानकारी ली। जिससे टीम को सभी पीड़ितों के अकाउंट में रुपये वापस कराने में बड़ी सफलता मिली है। जिसमें सभी 13 पीड़ितों के अकाउंट में कुल दस लाख पैंसठ हजार रुपये वापस कराए गए हैं। इनमें कुछ पीड़ितों की पूरी रकम वापस हुई है। जबकि कुछ लोगों का कम रुपये वापस हो सका।
-
इन लोगों के अकाउंट में वापस आए रुपये
मोहल्ला सुभाषपुरा निवासी साक्षी राठौर के तीस हजार रुपये, सदनशाह निवासी जमीन बक्श के डेढ़ लाख रुपये, ग्राम बंट निवासी राम सिंह कुशवाहा के 12 हजार रुपये, इलाइट चौराहा निवासी नरेंद्र देव प्रधान के बीस हजार रुपये, महिला आरक्षी सिमरन के साठ हजार रुपये, मोहल्ला घुसयाना निवासी जावेद अली के तीन हजार रुपये, तालाबपुरा निवासी राकेश कुुमार दुबे के चालीस हजार, टीकमगढ़ रोड, महरौनी निवासी रामप्रसाद साहू के साठ हजार, कस्बा मड़ावरा निवासी अखिलेश कुमार लेखपाल के चालीस हजार रुपये, मसौराकलां निवासी विनोद राय के बीस हजार, महरौनी के ग्राम गहराव निवासी महेश कुमार शर्मा के साठ हजार रुपये, नाराहट के ग्राम पटना निवासी संदीप चौधरी के एक लाख बीस हजार रुपये, कस्बा मड़ावरा निवासी शिवचरन कुशवाहा के चार लाख 50 हजार 30 रुपये की धनराशि उनके अकाउंट में वापस कराई गई।
-
लॉटरी, टावर लगवाने, लोन दिलाने के लालच में न आएं : एसपी
पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति को डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, कोड या ओटीपी नंबर न दें। लॉटरी, टावर लगवाने, लोन दिलाने के लालच में न आएं और न ही ऐसी कॉल पर किसी को रुपये जमा करें। किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना यूपीआई पिन डालें। अपने आधार नंबर को udai.gov.in वेबसाइट पर जाकर लॉक/अनलॉक करें। किसी भी वेबसाइट पर एवं गूगल में फीड कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें। इसके साथ ही यदि किसी के साथ साइबर अपराध होता है तो तत्काल 155260 या 112 नंबर पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज कराएं एवं साइबर क्राइम सेल में संपर्क करें और तीन दिवस के अंदर इसकी सूचना अपने बैंक को दें।