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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार कै से होगा मरीजों का उपचार

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कैप्सन - चिकित्सक का इंतजार करते मरीज - फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूराबिरधा की व्यवस्थाएं पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही हैं। यहां कार्यरत स्टाफ अपनी मनमर्जी का मालिक है। उसके आने जाने का कोई समय निश्चित नहीं है। जिसके कारण आसपास के मरीजों को उपचार कराने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस संबंध में ग्राम प्रधान समेत ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को एक शिकायती पत्र भेजकर इस ओर ध्यान देने की गुहार लगाई है।
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जिलाधिकारी को भेजे अपने शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने अवगत कराया कि गांव में आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत लाखों रुपये खर्च करके हेल्थ एवं बेलनेस सेंटर की स्थापना की गई। जिसमें चिकित्सकों समेत अन्य स्टाफ रखा गया। लेकिन कुछ समय से यहां न तो नियमित चिकित्सक आते हैं और न ही अन्य स्टाफ। जो कर्मचारी यहां रहते हैं वह मरीजों को उपचार के नाम पर लूट कर अपनी जेब भरने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बहाल कराने और यहां तैनात चिकित्सक के स्थान पर किसी अन्य चिकित्सक की तैनाती करने की मांग की है। शिकायती पत्र पर ग्राम प्रधान पूराबिरधा मुकेश रजक, रामसुंदर, कुलदीप पटैरिया, राजा, सुरेंद्र, हरनाम, रामनरेश, वीरेंद्र, कृपाल, सोबरन, हरीशंकर दुबे, मुकेश अग्रवाल समेत दो दर्जन से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एवं निशानी अगूंठा हैं।
लगभग दो दर्जन गांव के लोग परेशान
तालबेहट। पूराबिरधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से कंधारीकलां, कंधारीखुर्द, झावर, पुराखुर्द, उगरपुर, भैंसनवारा कला, भैंसनवारा खुर्द, गेवरा गुंदेरा, कटीला, पूराबिरधा, नत्थीखेड़ा, हंसारकलां, बिहारीपुरा आदि गांवों के मरीज प्रतिदिन अपना उपचार कराने आते हैं। लेकिन स्टाफ के न मिलने से उन्हें मायूूसी का सामना करना पड़ता है। वहीं, सुकुवां-ढुकुवां बांध से होकर बबीना जाने वाला रास्ता बंद होने से ग्रामीण उपचार कराने आसानी से बबीना भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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