ललितपुर। सूबे की राजनीति में जब राजनीतिक दल विधानसभा चुनावों में जोड़तोड़ में व्यस्त थे, तो भाजपा संगठन को तैयार करने के साथ भविष्य का रोडमैप तैयार कर रही थी। उसी का नतीजा रहा कि 2012 में जिले में 20 फीसदी मत पाने वाली भाजपा की झोली में 2022 के चुनाव में 53 फीसदी वोट गिरे। जबकि अन्य दलों के मत प्रतिशत में गिरावट आई।
ललितपुर विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2012, 2017 और 2022 के चुनाव का तुलनात्मक अध्ययन बताता है कि इस दौरान भाजपा को क्रमश: 19.82, 50.14 और अब 52.99 फीसदी मत मिले। जबकि समाजवादी पार्टी को 24.94 ,28.34 और अब 20.59 फीसदी वोट मिले। वहीं बहुजन समाज पार्टी को 29.6 , 17.75 और अब 20.18 फीसदी वोट मिले। सर्वाधिक खराब स्थित कांग्रेस की रही उसे 11.02, 2017 में गठबंधन और अब 1.18 फीसदी वोट ही मिल सका।
उधर, महरौनी विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2012,2017 और 2022 के बीच भाजपा को क्रमश: 19.82, 50.14 और अब 54.86 फीसदी वोट मिले। समाजवादी पार्टी को 24.94 , 28.34 और अब 17.33 फीसदी मत मिल सका। बसपा को 29.6, 17.75 और अब 22.07 फीसदी वोट मिले। वहीं कांग्रेस को 14.85, 14.22 और अब 1.29 फीसदी मत ही प्राप्त हुए। राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा ने संगठन को प्रमुखता देते हुए हर चुनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने पर काम किया उसी का नतीजा था कि पार्टी का वोट प्रतिशत बुलंदी पर पहुंच गया है।
पांच सालों में हुए विधान सभा चुनाव में राजनीतिक दलों को मिले वोट प्रतिशत पर एक नजर
ललितपुर विधानसभा क्षेत्र:
वर्ष भाजपा सपा बसपा कांग्रेस
2002 21264 40052 37350 52099
2007 15028 58200 78010 4741
2012 54413 68474 79797 30270
2017 1,56,942 88687 55549 ----
2022 1,76,550 68557 69335 3920
महरौनी विधान सभा क्षेत्र:
वर्ष भाजपा सपा बसपा कांग्रेस
2002 55325 42583 34064 15873
2007 13465 30028 71097 46861
2012 69110 67110 70847 40576
2017 1,59,291 27031 59727 43171
2022 1,84,778 58381 74327 4344
सदर और महरौनी में था काफी अंतर
भाजपा का सदर और महरौनी सीट पर वोट प्रतिशत में काफी अंतर रहा है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2002 में सदर विधान सभा क्षेत्र में 11.5 फीसदी वोट था जबकि महरौनी विधान सभा क्षेत्र में 31.65 फीसदी रहा। इस अंतर को पाटने के लिए संगठन स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिला।