संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ब्लॉक बिरधा अंतर्गत कस्बा बालाबेहट स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता को जमीन पर लिटाने के मामले में सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें एक एसीएमओ व एक डिप्टी सीएमओ व डीपीएम को शामिल किया है। एक सप्ताह में जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बीते दिनों न्यू पीएचसी का एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें एक प्रसूता की तीमारदार अस्पताल कर्मी पर पैसे लेने व अभद्रता कर दस्तावेज फेंकने का आरोप लगा रही थी। अस्पताल में आई प्रसूता को पैसों की मांग पूरी न करने पर पलंग तक नहीं दिया गया। प्रसूता को नवजात के साथ जमीन पर लिटा दिया। तीमारदार ने एक्सपायरी तिथि की दवाइयां भी देने का आरोप लगाया था। प्रसूता की तीमारदार ने अपना नाम ग्राम गिल्टौरा निवासी जशोदा बताया था। वायरल वीडियो में प्रसव कराने के एवज में यहां तैनात स्टॉफ ने सात सौ रुपये की मांग की थी, इसमें पांच सौ रुपये दिए भी थे।
वायरल वीडियो को लेकर अमर उजाला ने बुधवार के अंक में पेज नंबर दो पर '' शर्मनाक: प्रसव कराने को नहीं दिए पैसे तो प्रसूता और नवजात को जमीन पर लिटाया '' शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप यादव व डीपीएम रजिया फिरोज को शामिल किया है। इसको लेकर विभाग में खलबली मची है।
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न्यू पीएचसी बालाबेहट में स्टॉफ पर प्रसव के नाम पर पैसे लेने व प्रसूता व नवजात को जमीन पर लिटाने के मामले में जांच टीम गठित की है। रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ