लखीमपुर खीरी। अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे आवास विकास कॉलोनी पहुंचा। आगामी विधानसभा चुुनाव को लेकर महिलाओं ने सड़क, पानी, महिला सुरक्षा, गंदगी और महंगाई के मुद्दे पर अपनी बात रखी। इस दौरान महिलाओं ने महंगाई और महिला सुरक्षा को सरकार के लिए चुनौती बताया और इन दो मुद्दों को अपने एजेंडे में रखने वाले दल को वोट करने की बात कही।
सत्ता का संग्राम कार्यक्रम में पुष्पा सिंह ने कहा कि योगी सरकार में बिजली व्यवस्था सुधरी है। महिला सुरक्षा पहले से काफी बेहतर है। योगी सरकार में महिला अपराधों में कमी आई है। डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार ने लोगों को नि:शुल्क राशन, रसोई गैस, शौचालय और आवास दिए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए तमाम हेल्प लाइन शुरू हुई हैं।
विजेता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को न्याय मिल रहा है। तृप्ति अवस्थी ने कहा कि विकास का सिर्फ ढोल पीटा जा रहा है। इसकी हकीकत शहर की सड़कें, चोक नालियां और जाम की स्थिति बयां कर रही हैं। महिला अपराध बढ़े हैं, जिसका जीता जागता प्रमाण पसगवां में पुलिस के सामने एक महिला का चीरहरण होना है। किरन गुप्ता ने कहा कि पहले महिलाएं रात में घर से बाहर निकलने से डरती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। महिलाओं के साथ वारदात करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी हो रही है।
प्रख्याति खरे ने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हाथरस, उन्नाव की घटनाएं इसका प्रमाण हैं। पूनम यादव ने कहा कि महंगाई के कारण गरीब से लेकर मध्यम वर्गीय लोग परेशान हैं। क्षमा सिंह ने कहा कि एक हजार का सिलिंडर होने के कारण लोग इसे भरवा तक नहीं पा रहे हैं। न तो शहर की सड़कें सुधरी हैं और न ही जाम की समस्या से मुक्ति मिली है। महंगाई बढ़ने से किचन का बजट तक गड़बड़ा गया है। न्याय मंच की रितु वर्मा ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग हो रही है। प्रीति बाजपेई ने कहा कि पहले से हालात सुधरे हैं। बिजली सुधरी है। प्रांजलि बाजपेई ने कहा कि महिला अपराध पर भी नकेल लगी है। पारूल पाठक ने स्वास्थ्य सेवाओं को नाकाफी बताते हुए कहा कि इसमें और सुधार करने की जरूरत है। इसके अलावा अन्य तमाम महिलाओं ने महंगाई, सड़क, स्वच्छता, भ्रष्टाचार पर अपनी राय रखी।