चपरतला। मैगलगंज के रेलवे स्टेशन परिसर के पास खाली पड़े आर्मी ग्राउंड में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले एक परिवार में रिश्तेदारी से आए तीन वर्षीय मासूम को रात में किसी जानवर ने निवाला बना लिया। सुबह चार बजे उसका क्षत-विक्षत शव पास की झाड़ियों में पड़ा मिला। वन विभाग की टीम जानवर की पहचान नहीं कर सकी है।
मैगलगंज थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन परिसर के पास खाली पड़े आर्मी ग्राउंड में कई परिवार झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। इन्हीं परिवारों में कोतवाली क्षेत्र के ही फत्तेपुर गांव निवासी छुन्नू अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मैगलगंज आया था। देर रात परिजन के साथ उनका तीन वर्षीय बेटा रूपबसंत भी सो रहा था। रात एक बजे जब रूपबसंत पास सोता नहीं मिला तो परिजन को किसी अनहोनी की आशंका हुई, जिस पर माता-पिता समेत आसपास के लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
घटनास्थल से 100 मीटर की दूरी पर लगी झाड़ियों में सुबह चार बजे मासूम का शव क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। पेट से नीचे का हिस्सा जानवरों ने खा डाला था। आनन-फानन में सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं अचानक जंगली जानवर की आमद के चलते आसपास के लोगों में भारी दहशत व्याप्त है।
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की सूचना मिलते ही डीएफओ वन विभाग की टीम ने मैगलगंज मेला मैदान पहुंचकर पगचिन्हों के माध्यम से जानवर की पहचान करने की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रही। वन विभाग की टीम ने मेला मैदान ग्राउंड पर कैमरा लगा दिए हैं। वहीं निगरानी के लिए दो वनकर्मियों की शिफ्टवाइज ड्यूटी लगाई गई है।
रात्रि करीब 12 बजे बच्चे को जंगली जानवर पास में ही झाड़ी में खींच कर ले गया था। बच्चे का आधा शरीर मिला है। जो पगचिह्न मिले हैं, उसमें नाखून दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि भेड़िए हो सकते हैं।
- समीर कुमार, डीएफओ, साउथ लखीमपुर खीरी